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नेपाल में घर ढहा तो निकले आंसू ,दहल गया कलेजा

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नेपाल में शनिवार को आए भीषण भूंकप ने राजधानी काठमांडू सहित पूरे देश में तबाही मचाई है। अब तक 2500 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है। इस बात की सूचना मिलने के बाद शहर में रहने वाले नेपाली समुदाय के लोग अपने सगे-संबंधियों के लिए बैचेन हो गए।
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कुछ लोगों ने अपने देश में रिश्तेदारों और परिवार के लोगों से संपर्क  करना शुरू किया। कुछ की बात हुई लेकिन कई लोगों का शाम तक संपर्क नहीं हुआ। इस खौफनाक मंजर के शिकार हुए लोगों की मदद के लिए कई देरशाम ही नेपाल के लिए रवाना हो गए।

रविवार को ‘अमर उजाला’ से नेपाली समाज के कई लोगों ने अपना दर्द बयां किया और ईश्वर से सभी की कुशलता के लिए दुआएं मांगी।

कई परिवार नेपाल हुए रवाना:

एनएच-पांच में रहने वाले राम बहादुर अपने परिवार के साथ रविवार सुबह 6:00 बजे नेपाल स्थित धांधिग गांव के लिए  रवाना हो गए। वह पिछले 25 साल से यहां एक निजी अस्पताल में नौकरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।

उनके पड़ोसियों ने बताया कि भूकंप की सूचना मिलने के बाद राम बहादुर अपने गांव फोन कर माता-पिता और रिश्तेदारों के बारे में कुशल क्षेम पूछा तो पता चला कि परिवार के सदस्य तो ठीक हैं लेकिन घर ढह गया और काफी नुकसान हो गया है।

अपने परिवार के लोगों की मदद करने के लिए गौरव बहादुर, टेक बहादुर, राजाराम व चित्रा बहादुर नेपाल चले गए।

कईयों ने बतायी घरों की बर्बादी की दास्तां:

सेक्टर-17 में रहने वाले गोविंद प्रसाद का गांव बुढ़वल में है। भूकंप वाला क्षेत्र उनके घर से ज्यादा दूर नहीं है। इस तबाही में उनका घर भी क्षतिग्रस्त हो गया है। नेपाल निवासी कमल प्रसाद ने बताया कि उनके पिता यहां बिजली विभाग में नौकरी करते थे।

सेवानिवृत होने के बाद वह नेपाल स्थित बुढ़वल गांव चले गए है। कमल एक निजी कंपनी में काम करता है और अपने परिवार के साथ सेक्टर-22 में ही रहते हैं। उनका भी घर बर्बाद हो गया है।

उन्होंने बताया कि रात में उनका पूरा परिवार बाहर कैंप में गुजारा है। कमल ने बताया कि नेपाल में रहने वाले भाई मोती, देवेंद्र, विनोद, विजय, हरि, रेशम, रोशन, प्रंशात और लक्ष्मी सब ठीक है।
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परिवार के लोग तो ठीक हैं, लेकिन ढह गया है पुश्तैनी मकान

परिवार के लोगों ने घर और गांव के सड़क की फोटो भी भेजी है। फोटो देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि भूकंप कितना भयानक है। लक्ष्मण शर्मा व हरिचंद शर्मा के परिजन तो सुरक्षित हैं लेकिन उनके पुश्तैनी घरों में दरार आने के साथ झुक गई थी।

बाद में पड़ोसियों ने पूरा घर ही गिरा दिया क्योंकि वह रहने लायक नहीं बचा है। उनका परिवार गुलमी व सिंगजा में रहता है। भूंकप के समय परिवार के लोग खेत पर गए हुए थे।

सेक्टर-22 में पति कमल प्रसाद के साथ रहने वाली पुष्पा ने बताया कि दो साल पहले ही उनकी शादी कमल के साथ हुई थी और शादी के कुछ दिन बाद ही वह फरीदाबाद में आकर रहने लगी।

शनिवार को जब टेलीविजन से भूकंप की खबर मिली तो तुरंत काठमांडू में रहने वाले अपने भाई गोपाल से मोबाइल के जरिए संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।

बेचैन होकर वह इधर-उधर घूम रही थी। अचानक उसने जब मोबाइल से वाट्सअप ऑन किया तो भाई से तुरंत संपर्क हो गया। क्योंकि भाई गोपाल का वाट्सअप अपडेट था। मैसेज भेजकर हालचाल पूछा तो पता चला कि घर तो बर्बाद हो चुका है लेकिन परिवार के लोग सुरक्षित हैं।
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