एक तरफ गर्मी का सितम और दूसरी तरफ बिजली-पानी की किल्लत ने शहरवासियों को परेशान कर दिया है। शहरवासियों को छह से आठ घंटे की अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है, वहीं पानी के लिए भी हाहाकार मचा हुआ है।
दो महीने से धरने-प्रदर्शन का दौर चल रहा है, लेकिन न अफसरों को और न ही जनप्रतिनिधियों को जनता की परेशानी दिखाई दे रही है। बृहस्पतिवार को एक बार फिर लोग पानी की समस्या को लेकर सड़क पर उतरे। वहीं, दिनभर बिजली की आंख मिचौली भी परेशानी का सबब बनी रही।
निगम निगम कार्यालय पर
एनआईटी की अलग-अलग कॉलोनियों के लोग पानी की समस्या को लेकर बृहस्पतिवार को नगर निगम पहुंचे। पानी के लिए तरस रहे लोगों ने निगम कार्यालय पर जमकर हंगामा किया।
करीब घंटेभर तक प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की। इसके बाद निगम के चीफ इंजीनियर को लोगों ने ज्ञापन सौंपा। चीफ इंजीनियर ने समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।
डबुआ कॉलोनी में पिछले चार महीने से पानी की समस्या बनी हुई है। स्थानीय निवासी उषा देवी, ओमप्रकाश और हरपाल ने बताया कि पानी के कनेक्शन वैध कराने के लिए नगर निगम ने 1500-1500 रुपये तो ले लिए, लेकिन आज तक पानी की समस्या दूर नहीं हुई है। भीषण गर्मी में दिनभर पानी की आपूर्ति बंद रहती है।
ट्रांसफार्मर में खराबी से ब्लैक आउट
बृहस्पतिवार को शहर में बिजली संकट से हाहाकार मच गया। बुधवार देर रात करीब दो बजे समयपुर स्थित ग्रिड सबस्टेशन की सीटी (करेंट ट्रांसफार्मर) फटने से पूरे शहर की बिजली गुल हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद मरम्मत कार्य पूरा किया गया। बृहस्पतिवार तड़के करीब पांच बजे आपूर्ति सुचारु हो सकी।
जगह-जगह फॉल्ट होने और मरम्मत का काम चलने के कारण शहर के बड़े हिस्से में भीषण बिजली संकट पैदा हो गया। इसके कारण औद्योगिक इकाइयों का काम तो प्रभावित हुआ ही, साथ ही रिहायशी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की दिनचर्या भी बिगड़ गई।