निगम कार्यालय परिसर जल्द ही सौर ऊर्जा से जगमग हो जाएंगे। सरकार ने 30 लाख रुपये के एस्टीमेट को मंजूरी दी है। प्लांट शुरू होने से कार्यालय में 24 घंटे बिजली रहेगी।
बता दें कि नगर निगम ने शहर को सोलर सिटी बनाने एवं बिजली खपत कम करने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट तैयार किया था। इसकी डीपीआर तैयार कर राज्य सरकार को भेजी गई थी।
इस योजना में पहले चरण में सोलर एनर्जी से राष्ट्रीय राजमार्ग व शहर की स्ट्रीट लाइटों के 32 हजार प्वाइंट, निगम व प्रशासन के दफ्तरों में लाइट जलाने के प्रस्ताव को शामिल किया गया था।
प्रपोजल का ध्येय निगम के मासिक बिजली बिल के दो करोड़ रुपये भी बचाने का था। इसमें एनआइटी जोन में सौर ऊर्जा के चार प्लांट लगाए जा चुके हैं।
दूसरे चरण में निगम के बल्लभगढ़ और ओल्ड फरीदाबाद कार्यालयों में सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। जिसके लिए दिसंबर माह में सरकार को प्रपोजल भेजा गया था।
निगम के अधीक्षण अभियंता रमन शर्मा ने बताया कि सौर ऊर्जा के प्लांट से निगम मुख्यालय में बिजली की बचत की जाएगी। एनआइटी जोन में चार प्लांट लगाए गए हैं। अब बल्लभगढ़ जोन की बारी है। सरकार ने 30 लाख रुपये के एस्टीमेट को मंजूरी दी है।