इस मामले में पुलिस को शिकायत दी गई है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। बच्ची अपने परिजनों के साथ उत्तराखंड कॉलोनी में रहती है। दो जनवरी की सुबह बच्ची को लेकर उसके दादा जोगेश्वर कुमार मेहता बाहर घूमने निकले थे। वह गोद में थी। इस दौरान पड़ोस में रहने वाला व्यक्ति उल्लवल विश्वकर्मा अपने पिटबुल कुत्ते को टहलाने के लिए निकला था।
तभी अचानक पिटबुल ने बच्ची पर हमला कर दिया और उसके पैर को पकड़ कर खींच लिया। काफी देर तक वह बच्ची को नोंचता रहा। दर्जनों लाेग बच्ची को पिटबुल से छुड़ाने का प्रयास करते रहे। काफी देर तक उसने बच्ची को नहीं छोड़ा। उसके बाद किसी तरह से बच्ची को छुड़ाया गया। फिर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां वह 17 दिन तक भर्ती रही। इस मामले में पुलिस अधिकारी ने बताया कि वह जांच कर रहे हैं। पहले भी एक बच्चे को काट चुका है।
बच्ची की बुआ दिव्या ने बताया कि पड़ोसी का पिटबुल पहले भी एक बच्चे को काट चुका है। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों को दरकिनार किया गया है। इलाके में पिटबुल को लेकर दहशत का माहौल है। परिजनों का आरोप है कि इस मामले की जानकारी बुराड़ी थाना पुलिस को भी दी गई। सीसीटीवी फुटेज भी दिखाया गया।
बावजूद इसके पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई बल्कि परिजन जब अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास गए तो पुलिस कर्मियों ने उन पर समझौता करने के लिए दबाव बनाया। अभी तक इस बाबत न तो पिटबुल को हटाया गया है और न ही उसके मालिक पर कोई कार्रवाई की गई। उनकी मांग है कि पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज करे और पिटबुल को यहां से हटाया जाए।