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अधिकारी मस्त, किसान पस्तः सरकारी तंत्र की लापरवाही किसानों पर भारी

Sun, 10 Apr 2016 09:33 AM IST
मुकेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद
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- फोटो : अमर उजाला
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डिजिटलाइजेशन के दौर में किसानों की दुर्गति होती नजर आ रही है। किसानों की उम्मीदों पर सरकारी तंत्र की लापरवाही भारी पड़ती नजर आ रही है। मंडियों में किसानों की गेहूं की फसल पर खतरा मंडरा रहा है। वारदाना खत्म होने की वजह से बल्लभगढ़ मंडी में गेहूं की खरीद रुक गई है और स्टॉक लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकारी एजेंसियां न तो सुचारू तरीके से खरीद प्रक्रिया को अंजाम दे रही हैं और न ही खरीदे गए गेहूं का उठान हो पा रहा है।
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एक अप्रैल से मंडियों में गेहूं की आवक शुरू हो गई थी, लेकिन सरकारी तैयारियां अधूरी होने के चलते खरीद की प्रक्रिया देरी से शुरू हो सकी। अधूरी तैयारियों के साथ सरकारी एजेंसियों ने खरीद शुरू तो कर दी पर एक सप्ताह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी लापरवाही का सिलसिला जारी है। मंडियों में खरीद के बाद भी गेहूं का उठान नियमित रूप से नहीं हो रहा है।

आढ़ती और किसान सरकारी व्यवस्था से दुखी है। जबकि अधिकारी समय पूर्व गेंहू की आवक होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। अधिकारियों के कामकाज को लेकर खुले तौर पर नाराजगी जता चुके स्थानीय विधायक भी अब लाचार नजर आ रहे हैं। सुचारू रूप से खरीद न होने के कारण किसानों को दिन-रात अपनी फसल की सुरक्षा करने के लिए मंडी में रहना पड़ रहा है। इसके बावजूद मार्केट कमेटी द्वारा किसानों की मूलभूत सुविधाओं के लिए कोई उचित प्रबंध नहीं किया।
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वारदाना खत्म, खरीद प्रभावित
बल्लभगढ़ अनाज मंडी में शनिवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने करीब 15 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की लेकिन वारदाना न होने के कारण गेंहू अब भी खुले में पड़ा हुआ है। शुक्रवार को वेयर हाउस कॉरपोरेशन ने 33725 क्विंटल सरकारी खरीद तो कर ली लेकिन वारदाने की कमी के चलते गेहूं का स्टॉक आढ़ती और किसानों की परेशानी का सबब बन गया है। शनिवार सुबह जब आढ़तियों के पास वारदान नहीं पहुंचा तो उन्होंने पलवल स्थित वेयरहाउस से इसका इंतजाम तो कर लिया लेकिन आढ़तियों ने इसके बाद गेहूं की खरीद से इनकार कर दिया। बता दें, वारदाना मुहैया कराने की जिम्मेदार खरीद एजेंसियों की होती है।

आखिर कब होगा उठान
लापरवाही का एक प्रमाण मंडी में एक सप्ताह से खरीद के बाद पड़ा गेंहू भी है। उठान न होने के कारण मंडी में पैर रखने की जगह भी नहीं है। वैकल्पिक रूप से बनाई गई नई अनाज मंडी भी गेहूं के स्टॉक से अटी पड़ी है। जगह न होने के कारण मंडी में जगह-जगह गेहूं से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़े करा दिए गए हैं। किसान गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें या तो वापस लौटाया जा रहा है या फिर खरीद के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सुबह सात बजे ट्रॉली लेकर मंडी आया था। लेकिन अभी तक खरीद ही शुरू नहीं हो पाई। आढ़ती ने बताया कि वारदाना नहीं है। इसलिए वापस लौटना पड़ रहा है।-सौराज, किसान गांव कबूरपुर बांगर कल शाम को गेंहू लेकर आया था। लेकिन खरीद नहीं हुई। पूरी रात मच्छरों के बीच बितानी पड़ी। वारदाना न होने के काण अभी भी खरीद नहीं हो पाई।-करतार, किसान, गांव भनकपुर इस साल खरीद में दिक्कत आ रही है। कभी एजेंसी नहीं आती तो कभी वारदाना खत्म हो जाता है। अधिकारियों पर सरकार का अंकुश नहीं है।-मंजीत, किसान, मौजाबाद वारदाना मुहैया कराना एजेंसियों का काम है। इस संबंध में कल ही एसडीएम ने मीटिंग ली थी। उठान शुरू हो गया है। 20 ट्रक लगाए गए हैं। -राहुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी
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