नाइजीरियाई नागरिकों पर शहर में हुए हमलों की वजह से अफ्रीकी मूल के छात्रों में दहशत है। वह सोशल साइट पर अपना दर्द बयां कर रहे हैं। वहीं, सोशल साइट पर ही ‘एसोसिएशन ऑफ अफ्रीकन स्टूडेंट्स इन इंडिया’ नाइजीरियाई समेत अन्य अफ्रीकी छात्रों व नागरिकों को लगातार सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है।
छात्र मनीष खारी की मौत के मामले में पांच नाइजीरियाई नागरिकों के नामजद होने और हमले की घटनाओं के बाद अफ्रीकी मूल के नागरिकों में दहशत और रोष व्याप्त है। यही कारण है कि वह शहर की सड़कों व बाजारों में घूमने में एहतियात बरत रहे हैं।
वहीं, नाइजीरियाई छात्र सोशल साइट पर भी दर्द बयां कर रहे हैं। अंसल प्लाजा मॉल में हमले के वायरल हुए वीडियो को लगातार सोशल साइट पर अपलोड कर अपने विचार रख रहे हैं।
जैसे सभी भारतीय बुरे नहीं हैं, वैसे ही सभी अफ्रीकी ड्रग्स विक्रेता नहीं हैं। भारत का अतिथि देवो भव: का नारा झूठ जैसा लगता है। यहां धर्म, जाति, लिंग भेद, आदि को लेकर हिंसा सामान्य बात हो गई है। - अमीना मुस्तफा इस्माइल।