आरोपियों के वकीलों को सीबीआई के उन दस्तावेजों का निरीक्षण करने की अनुमति दे दी, जिनका जिक्र चार्जशीट में नहीं किया गया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपियों के वकीलों को सीबीआई के उन दस्तावेज का निरीक्षण करने की अनुमति दी, जिनका जिक्र चार्जशीट में नहीं किया गया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के मनीष सिसोदिया मामले में दिए गए निर्णय का हवाला देते हुए सुनाया गया है। अदालत ने वकीलों को 24, 25, 29 और 31 अगस्त को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच सीबीआई कार्यालय जाकर जांच अधिकारी के साथ समन्वय कर निरीक्षण करने का निर्देश दिया। सीबीआई के वकील ने तर्क दिया कि अदालत को केवल एजेंसी द्वारा भरोसा किए गए दस्तावेज पर विचार करना चाहिए, क्योंकि मामला अभी चार्जशीट पर संज्ञान लेने के चरण में है। हालांकि, अदालत ने आरोपियों के पक्ष को स्वीकार करते हुए निरीक्षण की अनुमति दी।
जांच और आरोपी
12 अगस्त को अदालत ने सीबीआई की चार्जशीट पर 13 आरोपियों के खिलाफ संज्ञान लिया था। इनमें यश यादव, मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, मनोज शिरूरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मांधारे और मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। 14 अगस्त को अदालत ने सीबीआई को आगे की जांच की अनुमति भी दी थी। सीबीआई ने 12 मई को एफआईआर दर्ज की थी। जांच में महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली समेत 92 जगहों पर छापेमारी की गई थी। एजेंसी ने भारतीय न्याय संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की है।