करीब 5.05 बजे एक मोटरसाइकिल आती दिखाई दी। पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया तो चालक बाइक से कूद भागने लगा। पुलिस टीम ने उसे सरेंडर करने को कहा तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक गोली एसआई आनंद कुमार को लगी, लेकिन बुलट प्रूफ जैकट पहने के कारण वह बच गए। पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई, जो राजकुमार के पैर में लगी। इस दौरान पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। उसके कब्जे से सेमी-स्वचालित पिस्टल व तीन कारतूस बरामद किए।
बवानिया के भाई से पैसा लिया तो बन गया गिरोह का शार्पशूटर
राजकुमार ने बताया कि वह आपराधिक वारदात करने के उद्देश्य से प्रह्लादपुर आया था। उसने नीरज बवानिया के भाई पंकज बवानिया के भाई से कुछ रुपये उधार लिए थे, जो अब तक वापस नहीं दे पाया था। ऐसे में वह नीरज बवानिया गिरोह के काम करने लग गया। उसने रोहिणी कोर्ट व बाहरी दिल्ली में हत्या व फिरौती की वारदात को अंजाम दिया है।