डूटा चुनाव : 2025
-एनडीटीएफ के डॉ. वीएस नेगी बने अध्यक्ष, डीटीएफ के प्रत्याशी डॉ. राजीब रे को 638 मतों से हराया
-एनडीटीएफ ने इससे पहले 2021, 2023 में अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की थी
-आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन एएडीटीए के डॉ. राजेश झा 1420 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) चुनाव में दक्षिणपंथी संगठन (नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट) ने हैट्रिक लगाते हुए फिर कब्जा जमाया है। बृहस्पतिवार रात दो बजे चुनाव के घोषित नतीजों में एनडीटीएफ केे डॉ. वीएस नेगी ने डीटीएफ के प्रत्याशी डॉ. राजीब रे को हरा कर डूटा के 19वें अध्यक्ष बने हैं। इस तरह से डूटा में लगातार तीसरी बार भगवा लहराया है। एनडीटीएफ ने 41 साल बाद 2021 में अध्यक्ष पद को जीता था और प्रो. एके भागी डूटा अध्यक्ष बने थे। 2023 में भी उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों को शिकस्त देते हुए अध्यक्ष पद हासिल किया था। वह एनडीटीएफ के ऐसे पहले अध्यक्ष रहें हैं, जिन्होंने दो बार अध्यक्ष पद जीतने का रिकॉर्ड बनाया था।
वर्ष 2021 से पहले वर्ष 1997-1999 में एनडीटीएफ के डॉ. श्रीराम ओबराय डूटा के अध्यक्ष बने थे। इस तरह से आरएसएस समर्थित एनडीटीएफ ने अन्य शिक्षक संगठनों के प्रत्याशियों के अध्यक्ष बनने को लगातार तीसरी बार तोड़ दिया है। डूटा के चुनाव दो साल में एक बार होते हैं। लगातार पांच बार अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड शिक्षक संगठन डीटीएफ के नाम है।
डूटा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को मतदान समाप्त होने के बाद देर शाम मतगणना शुरू की गई। बृहस्पतिवार रात दो बजे नतीजे घोषित किए गए। इसमें भाजपा समर्थित एनडीटीएफ के उम्मीदवार डॉ. वीएस नेगी अध्यक्ष चुन लिए गए। चुनाव नतीजों में नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (एनडीटीएफ) के शहीद भगत सिंह कॉलेज (सांध्य) में भूगोल के प्रो. नेगी ने वामपंथी शिक्षक संगठन डीटीएफ के राजीब रे को 638 मतों के अंतर से हरा दिया। प्रो. नेगी को 3366 और राजीब रे को 2728 मत मिले। शुरूआती राउंड से ही प्रो. नेगी बढ़त लिए हुए थे।
पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि एनडीटीएफ से अलग होकर अपना अलग शिक्षक संगठन (विश्वविद्यालय शिक्षक संघ) बनाने वाले कमलेश कुमार रघुवंशी वोट काट कर उनका नुकसान करेंगे। जबकि ऐसा नहीं हुआ। कुछ शिक्षक यह कयास लगा रहे थे कि कांटे की टक्कर एएडीटीए के राजेश झा और डीटीएफ के राजीब रे के बीच है। इसके बावजूद दोनों चुनाव हार गए। राजीब रे के चुनाव जीतने की संभावना इसलिए थी क्योंकि वह वर्ष 2019 में चुनाव जीत कर डूटा अध्यक्ष बने थे। इस बार के चुनाव में वे दूसरे स्थान पर रहे, जबकि राजेश झा 1420 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। कमलेश कुमार रघुवंशी को केवल 451 मतों से ही संतोष करना पड़ा। जबकि एक अन्य प्रत्याशी संदीप को 14 व संजय मोहन को महज 10 वोट मिले। डूटा चुनाव के लिए कुल 9861 मतदाता थे। जिसमें से 8221 शिक्षकों ने मतदान किया। कुल वैध मत 7989 थे और अवैध मत 232 निकले। चुनाव में करीब 83 फीसदी वोटिंग हुई।
कार्यकारिणी के लिए 15 सदस्यों में से 6 एनडीटीएफ के निर्वाचित
डूटा चुनाव के नतीजों के साथ ही 15 सदस्यीय कार्यकारिणी के नतीजे भी घोषित कर दिए गए हैं। कार्यकारिणी के लिए 25 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें से 15 सदस्य निर्वाचित हुए हैं। इनमें से सर्वाधिक 6 सदस्य एनडीटीएफ के ही निर्वाचित हुए हैं। जिनमें आकांक्षा खुराना, अमित सिंह, देेवेंद्र कुमार राणा, मनीष कुमार, साक्षी यादव व संजय कुमार शामिल हैं। डीटीएफ से चार सदस्य निर्वाचित हुए हैं, जिनमें दिनेश कटारिया, बिस्वजीत मोहंती, यशा यादव, वीएस दीक्षित शामिल हैं। एएडीटीए के दो बिमलेंदु, धनराज मीणा, दो निर्दलीय भूपेंद्र सिंह, छोटू राम मीणा, एक इंटेक के एम रामानंदना सिंह शामिल हैं।