एनडीएमसी बजट 2026-27 में नई दिल्ली को विश्वस्तरीय, हरित और स्मार्ट राजधानी बनाने के लक्ष्य के साथ प्रमुख इलाकों के पुनर्विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। बजट में शहरी ढांचे, सड़क, सफाई, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाओं को आधुनिक रूप देने की स्पष्ट रूपरेखा सामने आई है। एनडीएमसी पर्यटन केंद्र कनॉट प्लेस स्थित सुपर बाजार का यहां स्थित अन्य भवनों की तरह पुनर्विकास करेगी। इसके अलावा खान मार्केट और सरोजिनी नगर में नाइट क्लीनिंग को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है।
इसका उद्देश्य 24x7 सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करना और इन इलाकों को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित व पर्यटक-अनुकूल बनाना है। नई दिल्ली के 11 प्रमुख मार्गों पर स्मार्ट सिंचाई प्रणाली लागू की जा चुकी है, जिससे पार्कों, फुटपाथों और हरित पट्टियों में जल की बर्बादी रुकेगी। बजट 2026-27 में इसे 13 और सड़कों और तीन बड़े पार्कों तक विस्तार दिया जाएगा। वहीं एनडीएमसी को आरडीएसएस योजना के लिए चुना गया है और 2028 तक 100 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ने का लक्ष्य रखा गया है। मानसून प्रबंधन, सीवर लाइनों की आधुनिक तकनीक से मरम्मत और सोलर चार्ज पेंट जैसी पहलें भी शहरी पुनरविकास का हिस्सा हैं।
एनडीएमसी बजट 2026-27 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को भविष्य की रीढ़ मानते हुए शिक्षा और नवाचार को केंद्र में रखा गया है। बजट में एआई आधारित योजनाओं को न केवल विस्तार दिया है, बल्कि इसे स्कूली शिक्षा से जोड़कर नई दिल्ली को टेक्नोलॉजी-रेडी सिटी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि वर्तमान में एनडीएमसी के तहत 300 से अधिक छात्र एआई-प्रशिक्षित हैं। ये छात्र होमी लैब के सहयोग से एआई की बुनियादी समझ, 15 से अधिक आधुनिक एआई टूल्स और उनके व्यावहारिक उपयोग पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके हैं। यह पहल एआई में आकांक्षी भारत की उस सोच को आगे बढ़ाती है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को देश के विकास का डबल इंजन बनाया जा रहा है।
बजट 2026-27 में इस कार्यक्रम को और विस्तार देते हुए एआई फॉर ऑल योजना को कक्षा सात से 12 तक लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि एआई समाधान विकसित करने वाला बनाना है। इससे नई दिल्ली के सरकारी स्कूलों के छात्र भी भविष्य की नौकरियों और स्टार्ट-अप संस्कृति के लिए तैयार हो सकेंगे। एनडीएमसी बजट में इननोवेशन फंड की घोषणा भी की गई है, जो नई सोच, नई तकनीक और स्टार्ट-अप आइडिया को बढ़ावा देगा।
यह फंड शहरी समस्याओं के लिए एआई आधारित समाधान, स्मार्ट गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं को विकसित करने में मदद करेगा। एनडीएमसी स्कूलों में ऑनलाइन एडमिशन से लेकर छात्रों की पूरी अकादमिक यात्रा को ट्रैक करने के लिए पूरी तरह डिजिटल आईटी सिस्टम लागू किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और डेटा-आधारित निर्णय संभव होंगे, जो एआई आधारित शिक्षा का आधार बनेंगे। नवयुग स्कूल, पंडारा रोड को सिटी मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि नवयुग स्कूल, सरोजिनी नगर को भी मॉडल स्कूल बनाने का निर्णय लिया गया है। इन स्कूलों को भविष्य में एआई-आधारित लर्निंग सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना है।