फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi Riots Case: जमानत मिलने के बाद गुलफिशा फातिमा समेत चार की रिहाई का आदेश, शिफा ने जताया अदालत का आभार

Thu, 08 Jan 2026 12:42 AM IST
आकाश दुबे एजेंसी, दिल्ली

सार

दिल्ली दंगा 2020 मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों - गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान और मोहम्मद सलीम खान को जमानत दी है, बुधवार को इनकी रिहाई का आदेश भी जारी हो गया है। हालांकि, मामले में कथित मुख्य आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।

विज्ञापन
दिल्ली दंगा 2020 - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली दंगा 2020 मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से जमानत दिए जाने के बाद अदालत ने चार आरोपियों- गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान और मोहम्मद सलीम खान के लिए रिहाई का आदेश जारी किया है। बता दें कि बीते सोमवार को मामले में अपील दायर करने वाले पांच अन्य आरोपियों- गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को अदालत ने कुछ नियम-शर्तों के साथ जमानत दी थी। जबकि कथित मुख्य आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की अर्जी को नामंजूर कर दिया गया था।

विज्ञापन


अदालत का आभार
2020 के दिल्ली दंगों के आरोपी शिफा उर रहमान ने दिल्ली के कड़कड़डूमा न्यायालय के निर्देशों के बाद रिहा होने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। शिफा ने कहा कि मैं न्यायालय का बहुत आभारी हूं। मुझे भारतीय संविधान और कानून पर पूरा भरोसा था। इन्हीं की वजह से मुझे रिहा किया गया है।

10 दिसंबर को जमानत पर सुरक्षित रखा था फैसला
बता दें कि विगत 10 दिसंबर, 2025 को सभी आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने 18 दिसंबर तक दोनों पक्षों को अपनी दलीलों के समर्थन में तमाम दस्तावेज जमा कराने को भी कहा था। 

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कब हुई हिंसा?
दिल्ली के पूर्वोत्तर इलाकों में हिंसा उस समय हुई थी जब साल 2020 में नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे। हिंसा और आगजनी के दौरान 53 लोगों की मौत हुई थी। आक्रोशित लोगों ने केंद्र सरकार के फैसलों- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन किए थे। हालांकि, दिल्ली पुलिस के आरोपों में प्रदर्शनकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए।

विज्ञापन

आरोपियों के बारे में पुलिस ने अदालत में क्या कहा?
उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर और रहमान पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (IPC अब इस कानून का नाम भारतीय न्याय संहिता हो चुका है) के प्रावधानों के तहत गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने कहा कि ये लोग फरवरी 2020 की हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता थे, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। पुलिस के अनुसार, यह हिंसा सीएए और एनआरसी के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के दौरान भड़की, लेकिन इसका मकसद केवल विरोध से कहीं आगे जाकर अस्थिरता पैदा करना था।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें