एनडीएमसी जल संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरण की रक्षा और अपने क्षेत्र में एक स्वतंत्र जल स्रोत प्रदान करने के उद्देश्य से मॉड्यूलर रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट्स विकसित कर रही है। उसने 160 मॉड्यूलर गड्ढे विकसित कर लिए हैं और अब विभिन्न स्थानों पर ऐसे 95 और मॉड्यूलर पिट्स पर काम कर रहे है। यह कार्य जल्द ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने बताया कि मॉड्यूलर पिट्स न केवल किफायती है, बल्कि इन्हें स्थापित करने में कम समय भी लगता है और इनके रखरखाव की भी कम आवश्यकता होती है। इसके निर्माण के दौरान वातावरण में कोई धूल प्रदूषण नहीं होता। इसके निर्माण के लिए स्टोन डस्ट मोटे बालू/समुच्चय की आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि रेडीमेड पॉलीमर-आधारित ब्लॉक साइट पर लाए जाते हैं और इंटरलॉक स्थिति में रखे जाते हैं। इसके अलावा इस तकनीक के तहत वर्षा जल का अपने शुद्ध रूप में जमा कर लिया जाता है और एक बोरवेल के माध्यम से प्राकृतिक भूजल तालिका में जोड़ा जाता है। इस विधि से जलस्तर बढ़ाया जा सकता है।