गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने राजधानी में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी और पर्यावरण-सम्मत बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। परिषद ने सांगली मेस में 20 एरोबिन लगाकर विकेन्द्रीकृत गीला कचरा प्रसंस्करण प्रणाली की शुरुआत की है। इन एरोबिनों का उद्घाटन एनडीएमसी परिषद सदस्य दिनेश प्रताप सिंह ने किया।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह पहल न केवल कचरा प्रबंधन की दिशा में नवाचार है, बल्कि शून्य-अपशिष्ट शहरी पारिस्थितिकी तंत्र की दिशा में एक ठोस कदम भी है। एनडीएमसी के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक एरोबिन की क्षमता 400 लीटर है और यह प्रतिदिन लगभग 15 किलोग्राम गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण में सक्षम है। इन बिनों में जैविक अपशिष्ट को प्राकृतिक तरीके से सड़ाया जाएगा, जिससे पौष्टिक जैविक खाद (कम्पोस्ट) तैयार होगी। यह खाद एनडीएमसी के बागवानी कार्यों और पार्कों में उपयोग की जाएगी। इस पहल से केंद्रीकृत अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों पर भार कम होगा और कचरे के परिवहन की आवश्यकता घटेगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।