दिल्ली के हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति बीडी अहमद ने भी व्यक्तिगत कारणों से पुत्र विवाद मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एनडी तिवारी की याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया है।
तिवारी ने मामले में दो याचिकाएं दायर की हैं। एक में उन्होंने जिरह कोर्ट से बाहर करने और दूसरी में सिंगल जज के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें रोहित शेखर को उनका पुत्र बताया गया है।
एनडी तिवारी की याचिका पर न्यायमूर्ति गीता मित्तल भी सुनवाई से इंकार कर चुकी हैं।
अब न्यायमूर्ति एस. रविंद्र भट्ट व न्यायमूर्ति सुरेश कैथ की खंडपीठ 12 फरवरी को सुनवाई करेगी। सिंगल जज ने हाईकोर्ट से बाहर जिरह करने संबंधी तिवारी के तर्क को खारिज कर दिया था।
एनडी ने हाईकोर्ट की अपेक्षा नेहरू बाल भवन या यूपी हाउस में सुनवाई का आग्रह किया था।