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जब AAP को बदनाम करने की हुई कोशिश तब एनडी गुप्ता ने दिया ऐसा बयान

Wed, 10 Jan 2018 10:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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nd gupta
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आम आदमी पार्टी (आप) ने फिर दोहराया है कि पार्टी को मिलने वाले चंदे में किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है। पाई-पाई का हिसाब बही-खातों में दर्ज है। इसे सरकारी एजेंसियों को भी दिया गया है।

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आप का कहना है कि पार्टी को बेवजह बदनाम करने के लिए इस तरह के आरोप लगाए जाते हैं। पार्टी कार्यालय में नवनिर्वाचित राज्य सभा सदस्य एनडी गुप्ता ने कहा कि सीबीडीटी के हवाले से आप के चंदे पर आ रही खबरें पूरी तरह तथ्यहीन हैं।

आयकर कानून के सेक्शन 138 में प्रावधान है कि किसी भी पक्ष की फाइल की कोई जानकारी संबंधित सरकारी एजेंसी या उसका कोई भी अधिकारी किसी को नहीं दे सकता है। ऐसे में सवाल है कि किस आधार पर सीबीडीटी से खबरें बाहर आ रही हैं। यह आयकर कानून का उल्लंघन है।
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एनडी गुप्ता के मुताबिक, आप के चंदे में कोई गड़बड़ी नहीं है। सरकारी एजेंसी ने पार्टी के खाते में कुल जमा राशि की अलग-अलग बार गिनती में सामने लाया है। इससे उनके आंकड़े अलग दिख रहे हैं। जबकि पार्टी के सभी बही-खातों के आंकड़े पूरी तरह ठीक है। आप की तरफ से दिए गए दस्तावेजों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। 

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चुनावी बांड से फंडिंग में नहीं आएगी पारदर्शिता 

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राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार चुनावी चंदे को पारदर्शी बनाने की बात कर रही है। वहीं, दूसरी ओर चुनावी बांड के नाम पर दान दाताओं की जानकारी छुपाने की कानूनी मान्यता देने की कोशिश हो रही है।

बांड से जो पैसा राजनीतिक दल को दिया जाएगा, उस पैसे की जानकारी सरकारी बैंक, आरबीआई और सरकार के पास ही होगी। पंकज गुप्ता ने आशंका जाहिर की कि ऐसा होने पर सत्ताधारी दल अपने विपक्षियों के चंदे पर नजर रखने के साथ चंदा देने वालों को परेशान कर सकता है। 

ट्रेड विंग की आपात बैठक बुधवार को
आप की ट्रेड विंग ने सीलिंग के विरोध में रणनीति तैयार करने के लिए बुधवार को आपात बैठक बुलाई है। पार्टी प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आप का एक प्रतिनिधिमंडल बीते दिनों एमसीडी कमिश्नर से मिला था।
 
उस वक्त भरोसा मिला था कि अगले तीन महीने तक कोई सीलिंग नहीं होगी। बावजूद इसके सीलिंग के नाम पर दिल्ली के कारोबारियों को परेशान किया जा रहा है। बैठक में व्यापारियों के साथ बात करके जमीनी हकीकत का पता किया जाएगा। इसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार होगी। 
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