- फाउंडेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रति वर्ष 1500 छात्राओं को किया जाएगा प्रशिक्षित
- डिजिटल दक्षता और रोजगारपरक कौशल बढ़ाने के लिए एनसीवेब और एशिया फाउंडेशन के बीच करार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय ने नॉन कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड (एनसीवेब) की छात्राओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके लिए डीयू के एनसीवेब व द एशिया फाउंडेशन के बीच मंगलवार को एक समझौता हुआ है। छात्राओं में डिजिटल दक्षता और रोजगारपरक कौशल बढ़ाने के लिए यह करार किया गया है। इसके तहत बीस घंटे के फाउंडेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रति वर्ष 1500 छात्राओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
यह डिजिटल साक्षरता, रोजगारपरक सॉफ्ट स्किल और व्यक्तिगत वित्तीय प्रबंधन पर केंद्रित है। इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो बलराम पाणि ने कहा कि यह पहल हमारी छात्राओं के डिजिटली दक्षता प्राप्ति में सहायक होगी। एनसीवेब की निदेशक प्रो गीता भट्ट ने इस अवसर पर कहा कि छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए प्रयासों में यह समझौता एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा। इस करार के तहत आने वाले तीन वर्षों में 5000 छात्राओं को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। डीयू रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता ने कहा कि यह समझौता डिजिटली सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक बेहतरीन कदम है। द एशिया फाउंडेशन की राष्ट्रीय प्रतिनिधि नंदिता बरुआ ने कहा कि इस समझौते के माध्यम से हम नए अवसरों को ढूंढने, महिलाओं के लिए सम्मानजनक नौकरी भूमिकाओं और समान अवसरों से संबंधित चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से समाधान करने की उम्मीद करते है।