परिवहन विभाग ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना एनसीआर आटो को पूरी तरह सुरक्षित रखने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का प्रयास है कि सुहाने सफर के साथ ही एनसीआर आटो की यात्रा सुरक्षित भी हो।
इसके लिए एनसीआर आटो में सेफ्टी डिवाइस लगाने की तैयारी है। कारपोरेशन अफसरों ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है।
एआरटीओ प्रशासन केपी गुप्ता के अनुसार एनसीआर आटो में यात्री सीट के सामने मीटर के नीचे की ओर इमरजेंसी स्विच लगाने की तैयारी है। इसको पुश करते ही कंट्रोल रूम को उक्त वाहन से मैसेज प्राप्त होगा।
इसके आधार पर संबंधित आटो की लोकेशन के आधार पर पुलिस को सूचना दी जा सकेगी और चालक से बातचीत की कोशिश की जाएगी। इमरजेंसी स्विच लगाने की तैयारी है।
इसको जल्द ही गाइडलाइन में शामिल कर लिया जाएगा। इसको आटो फिटनेस में भी जोड़ा जाएगा। इमरजेंसी स्विच लगाने का सुझाव आटो निर्माता कंपनी टीवीएस ने भी दिया है। इस पर अंतिम फैसला दिल्ली और हरियाणा के परिवहन अफसरों के साथ बैठक में किया जाएगा।
आधी आबादी को नहीं मिलेगा आटो का फायदा
एमवी एक्ट के तहत आटो का संचालन अधिकतम 16 किमी या पंजीकरण वाले निकाय क्षेत्र में ही किया जा सकता है। इसके चलते आटो संचालन केंद्र ऐसे बनाए गए हैं, जिनसे दिल्ली 16 किमी से कम पड़ती है।
ऐसे में एनसीआर आटो का फायदा जिले के लोनी, मुरादनगर और मोदीनगर क्षेत्रों को नहीं मिल पाएगा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका लाभ नहीं मिलेगा।