राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दूसरा हवाई अड्डा बनाने के प्रस्ताव को नागरिक उड्डयन मंत्रालय की मंजूरी मिल गई है। अब इसे जल्दी ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
एनसीआर का यह पहला कार्गो (माल ढुलाई) एयरपोर्ट होगा। हालांकि, एयरपोर्ट कहां बनेगा इसका खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन गौतमबुद्धनगर के जेवर में इसे बनाए जाने की संभावना है।
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का परिचालन करने वाली कंपनी जीएमआर ग्रुप को प्रस्तावित एयरपोर्ट को विकसित करने में तरजीह दी जाएगी।
महेश शर्मा के अनुसार, जीएमआर ग्रुप को नए प्रोजेक्ट के मामले में पहले इनकार किए जाने के अधिकार का प्रस्ताव है। जीएमआर ग्रुप अगर एक बार सहमत होता है और दिलचस्पी दिखाता है तो उसे इस प्रोजेक्ट को विकसित करने का पहला अधिकार होगा।
एयरपोर्ट के नए प्रोजेक्ट के लिए सरकार को कुछ नियमों में संशोधन करना होगा, क्योंकि वर्तमान नियम किसी मौजूदा एयरपोर्ट के 150 किलोमीटर के दायरे में दूसरा एयरपोर्ट बनाने की अनुमति नहीं देता है, जब तक कि पहले एयरपोर्ट पर अपनी परिचालन क्षमता से अधिक लोड न हो।
वहीं, अमर उजाला से बातचीत में शर्मा ने बताया कि एनसीआर में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कार्गो एयरपोर्ट की बड़ी जरूरत है। जेवर इसके लिए पूरी तरह से तैयार है। यहां एयरपोर्ट के लिए पहले ही जमीन उपलब्ध है। सड़क मार्ग से जेवर की कनेक्टिविटी भी अच्छी है।
औद्योगिक हब के रूप में तेजी से उभर रहे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के लिए ये वरदान साबित होगा। इधर, हवाई जहाज से यात्रा करने वालों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए शर्मा कई बार कह चुके हैं कि एनसीआर में दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत है।
दिल्ली एयरपोर्ट ने साल 2014-15 के दौरान चार करोड़ पैसेंजर्स का प्रबंधन किया था और भविष्य में इस संख्या में बढ़ोतरी का ही अनुमान है। ऐसे में कार्गो एयरपोर्ट बनने के बाद दिल्ली का दबाव कम हो जाएगा।