परिवहन विभाग ने एनसीआर क्षेत्र के शहरों में आटो और टैंपो की लाइफ में कमी कर दी है। अब एनसीआर में आटो 15 साल के बजाय 8 साल में ही शहर से बाहर हो जाएंगे।
इसके चलते पुराने आटो-टैंपो की फिटनेस पर रोक लगा दी गई है। बढ़ते प्रदूषण के चलते लखनऊ में आयोजित बैठक में इसका निर्णय लिया गया।
ग्रीन ट्रिब्युनल ने दिल्ली व एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर परिवहन विभाग को कड़क कदम उठाने के आदेश दिए हैं। पहले 15 साल पुराने वाहनों को बाहर करने का निर्णय लिया गया था, अब आटो-टैंपो की संचालन अवधि घटा दी गई है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों की पिछले सप्ताह लखनऊ में ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के साथ हुई बैठक में आटो की लाइफ 15 से घटाकर आठ साल और विक्रम टैंपो की 10 साल से सात साल कर दी गई।
इस निर्णय को एक जनवरी से एनसीआर में लागू किया जा रहा है। आरटीओ ने पुराने आटो-टैंपो की फिटनेस रोकने के आदेश दिए हैं। इसको 31 दिसंबर से ही संभाग के सभी जिलों में लागू कर दिया जाएगा।
एआरटीओ प्रशासन केपी गुप्ता ने बताया कि आटो की लाइफ वास्तव में सात साल ही होती है। इसके बाद वह प्रदूषण फैलाना शुरू कर देता है। ऐसे में इसका संचालन बंद करना ही उचित है।