जिंदगी की जंग में 18 माह की माहिरा चाहे हार गई हो लेकिन जाते-जाते भी दो बच्चों की जिंदगी बचा गई। मेवात, नूह में रहने वाली 18 माह की माहिरा 6 नवंबर की शाम को अपने घर की बालकनी में खेल रही थी। अचानक खेलते खेलते नीचे गिर गई और उसके सिर में गंभीर चोट लगी। उसे अचेत अवस्था में एम्स के ट्रामा सेंटर लाया गया।
11 नवंबर तक माहिरा जिंदगी और मौत से जूझती रही। काफी कोशिश के बाद डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए और 11 नवंबर की सुबह उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। उसकी मौत की खबर सुनकर माता-पिता के पैरों से जमीन खिसक गई।
बड़ा दिल रखते हुए 26 वर्षीय पिता और 24 साल की मां ने बच्ची के अंगदान का फैसला लिया। माहिरा अंगदान करने वाली दिल्ली/एनसीआर में दूसरी सबसे छोटी बच्ची है। उसके द्वारा दान किया लीवर ILBS में 6 साल का बच्चे को और दोनों किडनी 17 साल के बच्चे को एम्स में सफलतापूर्वक प्रतिरोपण किया गया। कॉर्निया, दोनों आंखें, हार्ट वॉल्व को बाद में उपयोग के लिए संरक्षित कर लिया गया है।
अंगदान करने वाली तीसरी बच्ची
माहिरा पिछले 6 महीनों में एम्स ट्रॉमा सेंटर में अंगदान करने वाली तीसरी बच्ची है। इससे पहले रोली और उसके बाद 18 महीने के रिशांत ने अंग दान किया था।