एनसीआर के धार्मिक व तीर्थ स्थलों का विकास अब तेजी से हो सकता है। पर्यटन मंत्रालय कई साल से इनके विकास को प्रयासरत था। हापुड़ के ब्रजघाट और बुलंदशहर के मांडवाश्रम का विकास शुरू भी हुआ था।
देश-विदेश के सैकड़ों पर्यटक ऊंचागांव व कुचेसर के मडफोर्ट (राजाओं के मिट्टी के किले) के दर्शनों को यहां पहुंचते भी हैं।
केंद्र में पर्यटन मंत्रालय की कमान नोएडा के सांसद डा. महेश शर्मा के हाथों में आने के बाद छोटे व उपेक्षित तीर्थों केविकास की उम्मीद अब जगी है। मंत्री भी इनके विकास को लेकर गंभीर हैं।
विदेशी पर्यटक दिल्ली जरूर आते हैं। ऐसे में दिल्ली के आसपास के तीर्थ व धार्मिक स्थलों को उनके लिए देखना आसान है। वह कम समय एनसीआर के प्रसिद्ध स्थानों का भ्रमण कर सकते हैं।
इससे जहां तीर्थ-पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा वहीं मामूली प्रयास से ये विकसित हो सकते हैं। पर्यटन विभाग ने 2012 में एनसीआर के तीर्थ-पर्यटन स्थलों के विकास की घोषणा की थी, लेकिन इस पर काम नहीं हो सका।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा का एनसीआर के इन तीर्थों से संबंध रहा है। ऐसे में इनका विकास अब तेजी से होने की उम्मीद जगी है।