गुड़गांव के लघु सचिवालय में एक भी महिला शौचालय नहीं है। यहां रोजाना सैकड़ों महिलाएं दूरदराज से अपने काम के लिए आती हैं। बिना शौचालय उन्हें काफी परेशानी होती है।
आसपास भी उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं है। यह बात खुद गुड़गांव के नए उपायुक्त टीएल सत्यप्रकाश भी मानते हैं।
केंद्र और राज्य सरकार हर घर में शौचालय की बात कर रही है वहीं सरकारी विभागों में भी इस दिशा में ठोस इंतजाम नहीं है।
लघु सचिवालय में विभिन्न विभागों के कार्यालय हैं। काम के लिए आने-जाने वाले पुरुषों के लिए तो शौचालय है। मगर महिलाओं के लिए इसकी कोई व्यवस्था नहीं है। यहां आने वाली महिलाओें का कहना है कि यह समस्या पिछले कई वर्षों से है। मगर इस दिशा में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सचिवालय में काम करने वाली सरकारी महिला अधिकारी व कर्मचारियों के लिए तो उनके कार्यालयों के अंदर शौचालय है। मगर आम महिलाओं को बिना शौचालय के काफी परेशान होना पड़ता है। आमतौर पर यहां किसी काम के लिए आई महिलाओं को कम से कम दो से तीन घंटे तो रुकना ही पड़ता है।
जिला उपायुक्त टीएल सत्यप्रकाश ने कहा कि इस प्रकार की समस्या को जल्द से जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए मंगलवार को कहा कि सचिवालय में साफ-सफाई को भी बेहतर बनाया जाएगा।