इस परियोजना को लागू कर रही नोडल एजेंसी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड (आईआईटीजीएनएल) के प्रबंध निदेशक नरेंद्र भूषण के मुताबिक ग्रेटर नोएडा में बनने वाले मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के लिए केंद्र की एक एजेंसी नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इंप्लीमेंटेशन ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) के कोष से 4,304 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना के लिए निर्माण गतिविधियों की शुरूआत शीघ्र ही शुरू हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना की 80 फीसदी भूमि अधिग्रहित कर ली गई है और शेष पर भी तेजी से काम चल रहा है।
ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में बस वे के साथ साथ लोकल बस टर्मिनल और इंटर स्टेट बस टर्मिनल बने होंगे। यही नहीं, ट्रांसपोर्ट हब को रेल मार्ग से भी जोड़ा जाएगा और वहां भारतीय रेल अपना एक रेलवे स्टेशन भी बनाएगा। हवाई अड्डा तो इससे जुड़ा ही होगा, जिसके लिए आईआईटीजीएनएल अगले साल तक निवेश के भागीदारों की तलाश भी शुरू कर देगी, ताकि इसे बनाने में दिक्कत न हो। भूषण के मुताबिक इस परियोजना को लगभग सभी तरह की मंजूरी मिल चुकी है। इससे जुड़े हुए जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की परियोजना के लिए आरएफपी जल्द ही तैयार हो जाएगा। उम्मीद है कि हवाई अड्डा की परियोजना जमीन पर उतरने से इस क्षेत्र में करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा।
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कोरिडोर डेवलपमेंट कारपोरेशन (डीएमआईसीडी) हरियाणा के नंगल चौधरी गांव में एक एकीकृत मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब भी विकसित कर रहा है, जिसे फ्रेट विलेज का नाम दिया गया है। इसका विकास 886.78 एकड़ जमीन में होगा। यह फ्रेट विलेज समर्पित मालवाही गलियारे से भी जुड़ा होगा।