मानसून एक्सप्रेस का ट्रैक भी गाजियाबाद (यूपी-एनसीआर) आने से 24 घंटे पहले ही चेंज हो गया। विशेषज्ञों के अनुमानों के विपरीत मानसून दो शाखाओं में बंट गया।
एक शाखा हरियाणा और दूसरी लखनऊ के आसपास ठिठक गई। इससे एनसीआर को निराशा हाथ लगी है। विशेषज्ञ अब 15 जुलाई तक मानसून की पहली बारिश की उम्मीद लगा रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवाओं के दबाव में अचानक परिवर्तन से मानसून दो शाखाओं में टूट गया। विशेषज्ञों का मानना है कि 10 साल में अक्सर कभी-कभार मानसून विभाजित हो जाता है। ज्यादा प्रदूषण वाले क्षेत्रों की हवाएं मानसून को तोड़ देती हैं।
सरदार बल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ के मौसम विभागाध्यक्ष डा. एके अहलूवालिया ने बताया कि अब हवाओं का दबाव दोबारा से बन रहा है।
इसके चलते मानसून एनसीआर की ओर बढ़ेगा। 15 जुलाई से पहले गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और अलीगढ़ क्षेत्रों में मानसून अपनी आमद दर्ज कराएगा और भारी बारिश से सराबोर कर देगा।