फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Darul Uloom Deoband: एनसीपीसीआर ने सहारनपुर प्रशासन को किया तलब, दिल्ली बुलाकर अफसरों से मांगा स्पष्टीकरण

Thu, 07 Mar 2024 07:31 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

इस मामले में कलेक्टर और एसपी सहारनपुर को दिल्ली बुलाया है और एक रिपोर्ट और स्पष्टीकरण मांगा है। 
विज्ञापन
दारुल उलूम, देवबंद - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दारुल उलूम के पाठ्यक्रम दिशानिर्देशों पर एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो का कहना है कि सहारनपुर में देवबंद नामक स्थान पर, दारुल उलूम मदरसा है। यह दक्षिण एशिया में मदरसा शिक्षा प्रणाली को नियंत्रित करता है। उसने फतवे के जरिये गजवा-ए-हिंद का महिमामंडन किया।

विज्ञापन


उन्होंने आगे कहा कि हमने यूपी सरकार को उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नोटिस दिया। यूपी सरकार ने कहा कि यह फतवा 2008 में जारी किया गया था। फतवे में कहा गया कि जो भी गजवा-ए-हिंद के दौरान मारा जाएगा वह शहीद माना जाएगा।  यह फतवा 26/11 हमले के ठीक बाद 1 दिसंबर 2008 को जारी किया गया था। इस सिलसिले में हमने कलेक्टर और एसपी सहारनपुर को दिल्ली बुलाया है और एक रिपोर्ट और स्पष्टीकरण मांगा है। 

उन्होंने कहा कि दारुल उलूम विश्व स्तर पर एक विशाल शैक्षिक क्षेत्र का प्रबंधन करता है। दारुल उलूम से जुड़े मौलानाओं को जमीयत उलेमा-ए-हिंद यूके से करोड़ों की फंडिंग मिलती है। यह संगठन पाकिस्तान को भी फंड देता है। क्या वे बच्चों की नजर में अजमल कसाब को शहीद के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं ? इसका जवाब उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को दिल्ली आकर देना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें