राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने तय समय पर घर देने में विफल रहने पर टुडे होम्स एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर को 30 खरीदारों के 18.29 करोड़ रुपये ब्याज समेत वापस करने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं रियल एस्टेट फर्म को चार माह के अंदर प्रत्येक खरीदार को 25 हजार रुपये बतौर मुकदमा खर्च के रूप में भी देने का निर्देश दिया है।
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सुनवाई के दौरान बिल्डर के खिलाफ सख्त टिप्पणी करते हुए 30 खरीदारों से ली गई मूल धनराशि को 12 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है। खरीदारों ने सेक्टर-73 स्थित कैनरी ग्रीन्स आवासीय परियोजना में फ्लैट बुक किए थे।
खरीदारों को भरनी पड़ी ईएमआई
सुनवाई के दौरान एनसीडीआरसी के अध्यक्ष आरके अग्रवाल व सदस्य एम श्रीषा ने कहा कि घर पाने के लिए अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं किया जा सकता। बिल्डर की तरफ से घर पर कब्जा देने में काफी देर हो चुकी है इसलिए शिकायतकर्ता उचित ब्याज के साथ मूल धनराशि वापस पाने के हकदार हैं। आयोग ने बिल्डर के खिलाफ सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अधिकांश खरीदारों ने होम लोन ले रखा है और बैंक को 10.25 से 12 प्रतिशत तक ईएमआई भरने को मजबूर हैं। ऐसे में खरीदारों को 12 प्रतिशत ब्याज के साथ उनकी मूल धनराशि को वापस करना होगा।
36 माह के अंदर देना था कब्जा
उल्लेखनीय है कि टुडे होम्स एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर ने साल 2011-12 में सेक्टर-73 में कैनरी ग्रींस नामक हाउसिंग प्रोजेक्ट लांच किया था। उक्त परियोजना में बड़ी संख्या में खरीदारों ने घर बुक किया था। बीबीए (बिल्डर-बायर एग्रीमेंट) के मुताबिक खरीदारों को 36 माह के अंदर घर पर कब्जा दिया जाना था, लेकिन ऐसा न होने पर खरीदारों ने एनसीडीआरसी की शरण ली।