सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए तीनों नाइजीरियाई नागरिक लखनऊ में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में तैनात आईपीएस अफसर डीपीएन पांडे के ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पी-4 स्थित मकान में किराये पर रहते थे। उनका पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं हुआ था। एसएसपी वैभव कृष्णा ने कहा कि इस चूक की जांच की जाएगी।
प्रापर्टी डीलर ने किराये पर चढ़ाया था मकान
डीपीएन पांडे ने ग्रेटर नोएडा स्थित अपने घर से बरामद ड्रग को लेकर हैरानी जताई है। उनका कहना है कि उन्होंने डीलर के माध्यम से मकान किराये पर दिया था। वह साल में एक-दो बार ही आते हैं। वहां क्या चल रहा था, उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। पांडे के मुताबिक, ‘मेरा यह मकान काफी दिनों तक खाली पड़ा हुआ था। बाद में तीन नाइजीरियाई नागरिकों ने घर किराये पर लिया, जिसके लिए वे हर महीने 24 हजार रुपये देते थे। करीब एक साल से उन्होंने मकान का किराया भी नहीं दिया है। इतना ही नहीं, बिजली का बिल भी 2.73 लाख रुपये बकाया है। मैंने प्रापर्टी डीलर से मकान खाली कराने के लिए बोला था।’