राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) ने कहा कि वह कर्ज तले दबे आम्रपाली समूह की अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने में निवेश नहीं करेगा। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी को आठ फीसदी कमीशन पर आम्रपाली के रुके प्रोजेक्ट पूरा करने को कहा था।
एक निवेशक के सवाल का जवाब देते हुए एनबीसीसी के कार्यकारी निदेशक (वित्त) योगेश शर्मा ने कहा कि इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 8500 करोड़ रुपये की जरूरत है। इसमें आठ फीसदी पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी) मार्जिन भी शामिल है।
शर्मा ने कहा कि पैसे की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट तौर पर हमने प्रस्ताव रखा था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सहमति जताई थी। इसके मुताबिक, पैसे की व्यवस्था कोर्ट अपने विभिन्न तंत्रों के माध्यम से करेगा, जो आम्रपाली समूह की कंपनियों द्वारा संचालित किया जाएगा।
एनबीसीसी अधूरे प्रोजेक्ट पूरा करने में किसी तरह का निवेश नहीं करेगा। ये परियोजनाएं पूरा होने में कम से कम चार से पांच साल लगेंगे।