हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नेताजी नगर में पेड़ काटने की शिकायत को परियोजना प्रस्तावक एनबीसीसी ने गलत बताया है। आदेश के बाद कार्पोरेशन ने अपने सभी ठेकेदारों का निर्देश दे दिया है कि इलाके में एक भी पेड़ नहीं कटना चाहिए। कालोनियों में चार जुलाई तक पेड़ काटने की मनाही कर दी गई है।
कार्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, ठेकेदारों के साफ कहा गया कि कालोनी में एक भी पेड़ या उनकी शाखा नहीं कटनी चाहिए। ऐसा होने पर संबंधित ठेकेदार की जिम्मेदार होगी। कार्पोरेशन के मुताबिक, मीडिया रिपोर्ट बताती है कि पुलिस को भी शुरुआती जांच में पेड़ काटने का कोई साक्ष्य नहीं मिला।
लिहाजा कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। अधिकारी ने बताया कि एबीसीसी केंद्रीय मंत्रालय के अधीन काम कर रही है। वह अदालत समेत सभी संवैधानिक निकायों का आदेश मानने को बाध्य है। अगर कार्पोरेशन को कोई अधिकारी पेड़ काटने की लापरवाही करता है तो वह पुलिस समेत सभी अथारिटी को स्वत: संज्ञान रिपोर्ट खुद देगा।
बता दें कि मंगलवार को दिल्ली पुलिस को शिकायत दी थी कि अदालत की पाबंदी के बावजूद पेड़ काटे गए। मामला दर्ज न होने पर बुधवार को शिकायतकर्ता ने याचिका भी दायर की है। उनका कहना है यह अदालत की अवमानना है।