आम्रपाली के खरीदारों को घर की आस पूरी करने की तरफ एनबीसीसी ने कदम बढ़ाया है। संस्था ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से आम्रपाली को आवंटित सभी संपत्तियों का ब्योरा मांगा है। जमीन आवंटन से लेकर अब तक का पूरा ब्योरा देने को कहा है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी एनबीसीसी को दी है। एनबीसीसी ने खुद से इन परियोजनाओं की ऑडिट पहले ही कर ली थी, लेकिन अब प्राधिकरण से पूरा ब्योरा मांगा है। मसलन, कहां पर और कितना एरिया आवंटित है। कौन-कौन सी परियोजनाओं के लिए आम्रपाली ने नक्शा पास कराया है। परियोजनावार प्राधिकरण का कितना पैसा बकाया है। आम्रपाली ने कितनी संपत्ति बेच दी है, उसकी कितनी संपत्ति बची हुई है। क्या खरीदारों की सूची प्राधिकरण में जमा है। ऐसे तमाम ब्योरा तैयार कर प्राधिकरण एनबीसीसी को शीघ्र उपलब्ध कराएगा।
बता दें, कि आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने में 8250 करोड़ रुपये खर्च का आकलन लगा चुका है। इसमें से 4800 करोड़ रुपये आम्रपाली के खरीदारों से ही मिलना है। इसके अलावा अनसोल्ड प्रॉपर्टी से भी काफी रकम मिल जाएगी। इसी के चलते संस्था ने प्राधिकरण से ब्योरा मांगा है। ग्रेटर प्राधिकरण को आम्रपाली के लिए 12 लाख वर्ग मीटर से अधिक की जमीन आवंटित की गई है। ये सभी आवंटन 2010 से पहले के हैं।
ग्रेटर नोएडा में आम्रपाली के प्रोजेक्ट और उनमें फ्लैटों की संख्या
प्रोजेक्ट फ्लैट
गोल्फ होम 6000
किंग्सवुड 1400
सेंचुरियन पार्क 650
ड्रीम वैली 700
लेजर वैली 2200
लेजर वैली (क्रिस्टले विला) 200
सेंचुरियन पार्क (ट्रॉपिकल) 5000
वैरोना हाइट्स 6000
ड्रीम वैली (विला) 200
नोट : केवल बिके हुए फ्लैटों की संख्या। बाकी फ्लैटों की बुकिंग नहीं हुई है।