लोकसभा चुनाव में जहां सांप्रदायिकता को हवा देकर वोट की राजनीति हो रही है, वहीं कानपुर की नाजिया और गोरखपुर की विमला ने सांप्रदायिक सौहार्द का अनूठा उदाहरण पेश किया है।
ब्लड ग्रुप मिलने पर विमला ने नाजिया के पति को और नाजिया ने विमला के पति को किडनी दान कर उनकी जान बचाई।
दिल्ली के एक निजी अस्पताल में पिछले दिनों किडनी प्रत्यारोपण कराने के लिए कानपुर के मोहम्मद शमीम और गोरखपुर के रमेश द्विवेदी भर्ती हुए थे।