-ईडी के नौ समन के बावजूद पेश नहीं होने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी, कहा-जांच में सहयोग नहीं करना पड़ा भारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाई कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रियल एस्टेट कारोबारी नयन एन रहेजा को राहत देने से इन्कार कर दिया है। अदालत ने बृहस्पतिवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद रहेजा जांच में शामिल नहीं हुए। ऐसे में उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा देने का आधार नहीं बनता। न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और इसमें रहेजा की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। अदालत के अनुसार, उपलब्ध सामग्री के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि रहेजा कथित अपराध में शामिल नहीं हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि रहेजा ने जांच में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिया था, लेकिन इसके बावजूद वह ईडी के सामने पेश नहीं हुए।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, ईडी ने अप्रैल से अगस्त के बीच रहेजा को नौ समन भेजे थे। रहेजा ने कुछ समन के जवाब में शहर से बाहर होने की बात कही और कुछ मौकों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ में शामिल होने की अनुमति मांगी। अदालत ने इन कारणों को व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होने के लिए पर्याप्त नहीं माना। अदालत ने यह भी ध्यान दिया कि अप्रैल 2026 में एक आईपैड जब्त किए जाने के बाद से रहेजा ईडी के सामने पेश नहीं हुए। ईडी के अनुसार, इस डिवाइस में रहेजा डेवलपमेंट लिमिटेड (आरडीएल) की परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी थी। इसमें परियोजनाओं की लागत, खर्च और बिना बिके मकानों का विवरण शामिल था।