कलश स्थापना और हवन के साथ बृहस्पतिवार को शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो गए। मंदिरों और घरों में मंत्रोच्चारण के बीच मां दुर्गा का आह्वान किया गया।
पहले दिन मां के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा अर्चना की गई। मंदिरों में मां की अखंड ज्योत जलाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू किया गया।
पहले दिन शहर के सभी मंदिरों में मां के दर्शन को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर कई मंदिरों के बाहर रास्ता वन वे कर दिया गया तो कहीं पर बैरीकेडिंग कर लाइन में चलने की अपील की गई। दिनभर भजनों और ‘जय माता दी’ के उद्घोष से मंदिर गूंज उठें।
मंदिरों और घरों में कलश स्थापना के साथ मां का आह्वान किया गया। नौ दिन तक दुर्गासप्तशती पाठ चलेगा। माता वैष्णों मंदिर के महामंत्री इंदरजीत सिंह सभरवाल ने बताया कि पहले दिन करीब 25,000 श्रद्धालुओं ने मां का दर्शन किया।
नौ दिन तक देवी की पूजा अर्चना चलेगी। हर दिन माता की चौकी व भंडारे का आयोजन किया जाएगा। सुबह नौ बजे कलश स्थापना और हवन के बाद मां की ज्योत जलाई गई। ज्वाला जी से आई ज्योत से नौ अखंड दीपक जल रहे हैं।
रात 10 बजे मंदिर परिक्रमा का आयोजन होगा। मां के झंडे और त्रिशुल के साथ साज पर श्रद्धालु मंदिर की परिक्रमा करेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए बैरीकेडिंग के साथ ही पुलिस बल तैनात किए गए हैं।
मुख्य मार्ग पर होने के कारण मंदिर के सामने रास्ता भी वन वे कर दिया गया है। इस मौके पर गिरिराज दत्त गौड़, जगदीश भाटिया आदि उपस्थित रहे।
तिकोना पार्क स्थित काली मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ जमा रही। यहां प्रधान राकेश कुमार के नेतृत्व में कलश स्थापना एवं ज्योत प्रचंड की गई। सूरजकुंड स्थित लक्ष्मी नारायण दिव्यधाम में नवरात्र के पहले दिन विधि विधान से देवी की आराधना हुई।
सेक्टर-29 स्थित हरियाणा काली मंदिर में पंडित तरुण भट्टाचार्य ने विधिवत पूजा अर्चना की। नाथी चौक ए ब्लाक स्थित मां दुर्गा मंदिर, तीन नंबर स्थित दुर्गा मंदिर, एचएच पांच स्थित दुर्गा मंदिर, जवाहर कलोनी स्थित जगदंबा मंदिर, ओल्ड फरीदाबाद पथवारी मंदिर सहित शहर भर के मंदिरों में लोगों ने मां भगवती की पूजा की।
नौ दिनों तक होगी मां की आराधना
मां की उपासना का पर्व नवरात्र बृहस्पतिवार से शुरू हो चुका है। नवरात्री पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धदात्री देवी की पूजा का विधान है।- पं राघवेंद्र पांडेय, पुजारी सेक्टर-30।