साइबर सिटी में महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराधों के लिए यहां रह रहे बाहरी लोग (प्रवासी) जिम्मेदार हैं। यह अजीब बयान राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा ने दिया। रेखा शर्मा बृहस्पतिवार को मानेसर गैंगरेप की पीड़िता से मिलने के बाद पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। रेखा शर्मा ने साफ तौर पर कहा कि महिलाओं से होने वाले अपराधों के ज्यादातर मामलों में प्रवासी लोगों की आपराधिक भूमिका रही है।
इससे पहले उन्होंने पीड़िता के घर जाकर घटना के बारे में पूछा। साथ ही पुलिस से मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई और तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर संतोष प्रकट किया। वहीं मामले में ढील बरतने वाली उपनिरीक्षक के निलंबन को अपर्याप्त बताया। उन्होंने कहा कि निलंबन से कुछ नहीं होता, मामले की पूरी जांच होनी चाहिए और कोताही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित महिला की काउंसलिंग भी करवाई जा रही है।
मुआवजे के लिए की सरकार से बात
रेखा शर्मा ने बताया कि पीड़िता को राज्य सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए सरकार से उनकी बातचीत हो चुकी है। हालांकि मुआवजे की राशि तय होना अभी बाकी है। उनका प्रयास रहेगा कि सरकार जल्द मुआवजे की राशि जारी कर दे।
800 महिला पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग
शर्मा ने बताया कि करनाल स्थित हरियाणा पुलिस एकेडमी में नई 800 महिला पुलिसकर्मियों को अच्छे व्यवहार के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। ताकि महिलाओं के साथ थाने में बदसलूकी न हो।
रेखा शर्मा के मुताबिक एक तरफ शहर में घटनाएं बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस बल वीआईपी की सुरक्षा में लगी है। वह सरकार को पत्र लिखेंगी कि वीआईपी की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की अलग से व्यवस्था होनी चाहिए।