राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज आयशा पलक अपने एक काम की वजह से सुर्खियों में हैं। लूटपाट की नियत से दो बदमाशों ने डीयू छात्र आसिफ (20) को आनंद विहार से बंधक बना लिया। बदमाश आसिफ को छोड़ने के बदले में परिवार से 25 हजार रुपये मांगने लगे। रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
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इधर, आसिफ की नेशनल लेवर की शूटर भाभी आयशा (33) को वारदात की जानकारी हुई तो रुपये और अपनी लाइसेंसी पिस्टल लेकर देवर को बचाने के लिए भजनपुरा इलाके में मौके पर पहुंच गई।
इस बीच पुलिस भी उनके साथ रही। पुलिस का आभास होने पर बदमाशों ने जैसे ही आसिफ को गोली मारने का प्रयास किया, बहादुर आयशा ने तुरंत बदमाशों पर गोली चला दी। एक गोली बदमाश के कूल्हे में लगी, जबकि दूसरे के पैर में लगी।
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पुलिस ने दोनों बदमाश को मौके से दबोच लिया। वहीं आसिफ को सकुशल मुक्त करा लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गोकुलपुरी निवासी रहीस (21) और ग्रेटर नोएडा निवासी अमित गुर्जर (22) के रूप में हुई है। आयशा ने शूटिंग में कई पदक भी जीते हैं।
हमेशा पर्स में पिस्टल रखती हैं आयशा
आयशा फलक
- फोटो : ANI
पुलिस के मुताबिक, मिंटो रोड इलाके में परिवार के साथ रहने वाला आसिफ दयाल सिंह कॉलेज में बीकॉम फाइनल ईयर का छात्र है और पार्ट टाइम में कैब भी चलाता है। वहीं आयशा अपने पति फलक शेर आलम के साथ कनॉट प्लेस स्थित अतुल ग्रोवर मार्ग में रहती हैं। फलक व आसिफ चचेरे भाई हैं।
बृहस्पतिवार रात को जस्ट डॉयल के जरिये दोनों बदमाशों ने आनंद विहार से गाजियाबाद जाने के लिए कैब बुक कराई। आसिफ कैब लेकर वहां पहुंचा। बदमाशों ने कार में बैठते ही आसिफ की कनपटी पर तमंचा लगा दिया।
बदमाशों ने आसिफ की तलाशी ली तो उसमें 150 रुपये मिले। दूसरा बदमाश कहने लगा कि आसिफ को गोली मारकर कैब लूट लेते हैं। आसिफ के गिड़गिड़ाने पर बदमाशों ने उससे 25 हजार रुपये की मांग की। आसिफ ने अपने बड़े भाई अकरम को कॉल कर सारी बात बताई। बदमाशों ने रुपये लेकर शास्त्री पार्क बुलाया।
ऐसे हुआ था आसिफ का अपहरण
आयशा और उसका देवर
- फोटो : अमर उजाला
इधर, रुपयों का इंतजाम करने के लिए अकरम ने अपने चचेरे भाई फलक व भाभी आयशा को सारी बात बताई। कुछ ही देर में फलक मिंटो रोड स्थित चाचा के घर पहुंच गया। फिर एक अलग कार से फलक, आयशा व बाकी परिजन शास्त्री पार्क पहुंचे।
वहां से बदमाश ने उन्हें खजूरी और बाद में भजनपुरा बुलाया। इसी बीच पुलिस के साथ में होने का शक होने पर बदमाशों ने आयशा को अकेले वहां आने के लिए कहा। जैसे ही आयशा वहां रुपये लेकर पहुंची, बदमाशों को शक होने पर आसिफ को गोली मारने की कोशिश की, लेकिन आयशा ने अपने लाइसेंसी पिस्टल से गोली चला दी।
इसी दौरान मौके पर आई पुलिस ने दोनों को काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपी और अमित गुर्जर के पास से पुलिस ने एक तमंचा बरामद किया। दोनों को गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मानें तो पीसीआर कॉल आते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त समेत दो एसीपी समेत जिले के करीब 40 पुलिस अधिकारी सादी वर्दी में घटना स्थल के आसपास पहुंच गए।
आईपीएस एसीपी सचिन मित्तल सादी वर्दी में बाइक पर मौजूद रहे। जैसे ही आयशा की बदमाशों से नोंक-झोंक हुई और आयशा ने गोली चलाई, पुलिस बदमाशों पर टूट पड़ी और उन्हें काबू कर लिया गया।
बच्चों को देती हैं शूटिंग की ट्रेनिंग
मूलरूप से चेन्नई की रहने वाली आयशा दिल्ली पुलिस वेलफेयर सोसायटी की ओर से न्यू पुलिस लाइन में बच्चों को सेल्फ डिफेंस व शूटिंग की ट्रेनिंग देती हैं। इसके अलावा वह दिल्ली शूटिंग एसोसिएशन व तुगलकाबाद शूटिंग रेंज में बच्चों को शूटिंग सिखाती हैं। आयशा दिल्ली स्टेट चैंपियन रहने के साथ-साथ नेशनल लेवल पर कई प्रतियोगिता जीती हैं।
अपहरण का मामला दर्ज
उत्तर-पूर्वी जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी अमित व रहीस के खिलाफ जबरन अगवा करने का मामला दर्ज कर लिया गया है। आयशा के गोली चलाने के समय पुलिस टीम भी कुछ दूर मौके पर थी। अब आयशा ने सेल्फ डिफेंस में आसिफ को बचाने के लिए ही गोली चलाई पुलिस उसकी छानबीन कर रही है। पुलिस ने आयशा की लाइसेंसी पिस्टल भी कब्जे में ले लिया है। एफएसएल की टीम ने मौके पर मुआयना किया है।