इसी दौरान राष्ट्रगान भी शुरू हो गया। सांसद ने जैसे ही ध्वजारोहण के लिए डोर खींची, तिरंगा झंडा अचानक नीचे आ गिरा। राष्ट्रगान तुरंत रोक दिया गया। तिरंगा गिरते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
आननफानन में कुछ पुलिसकर्मी तिरंगे को फिर से बांधने की कोशिश करने लगे। जल्दबाजी में वे अशोक स्तंभ पर जूते पहनकर ही तिरंगा फिर से बांधने के लिए चढ़ गए। हालांकि सांसद, डीएम, एसएसपी सहित अन्य अधिकारियों ने तिरंगा फहराने के दौरान पूरे सम्मान के साथ सलामी दी।
करीब आधा घंटे तक मैदान में झंडा फिर से फहराने के लिए पुलिस जद्दोजहद करती रही। हालांकि बाद में किसी तरह झंडारोहण किया गया। इस मामले में अधिकारियों ने पूरी तरह चुप्पी साधी हुई है, कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।