शनिवार दोपहर कविनगर के एसएचओ समरजीत सिंह पुलिस रिपोर्ट लेकर अदालत पहुंचे। पुलिस रिपोर्ट में पूर्व सांसद और उनकी पत्नी पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं मिला। सीएमओ की ओर से एसीएमओ डॉ. आरके यादव देवेंद्री की रिपोर्ट लेकर पहुंचे।
अदालत के आदेश पर सीएमओ ने तीन वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम गठित कर रिपोर्ट तैयार कराई थी। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएन सिंह, पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर एमके तोमर और सीनियर फिजिशियन डॉ. आरसी गुप्ता की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट अदालत में पेश की गई।
हालांकि रिपोर्ट में तकनीकी भाषा लिखी हुई थी। इस पर अदालत ने टीम में शामिल किसी डॉक्टर को पेश होने के निर्देश दिए। डॉक्टरों की टीम के सदस्य रहे डॉ. एसएन सिंह अदालत में पेश हुए। उन्होंने रिपोर्ट को सरल शब्दों मे बनाकर कोर्ट में पेश किया।
रिपोर्ट में बताया गया कि देवेंद्र के गर्भाश्य में गांठ है। बीमारी की पुष्टि और पूर्व सांसद व पत्नी का पुराना आपराधिक रिकार्ड न होने की रिपोर्ट को आधार मानकर कोर्ट ने निर्णय दिया। देर शाम अदालत ने दोनों को साढ़े तीन-साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई।
बदांयू निवासी पूर्व मंत्री हीरालाल कश्यप की बेटी हिमांशी की शादी 27 नवंबर 2013 को गाजियाबाद निवासी एवं पूर्व सांसद नरेंद्र कश्यप के बेटे सागर कश्यप से हुई थी। छह अप्रैल 2016 को हिमांशी की मौत हो गई थी।
हिमांशी के पिता ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए कविनगर थाने में नरेंद्र कश्यप, देवेंद्री, सागर कश्यप, सिद्धार्थ, सरिता और शोभा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने 30 जून 2016 को नरेंद्र कश्यप, देवेंद्री कश्यप और डॉक्टर सागर कश्यप के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी थी। जांच के बाद अन्य तीन अन्य आरोपियों के नाम निकाल दिए थे।