-उड़ान-2026 में 6 हजार से अधिक छात्राओं ने लिया हिस्सा, पोस्टर और गीत लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। महिलाओं को सशक्त बनाए बिना देश के विकास का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता। महिलाओं को आगे बढ़ाने और उनके सपनों को पूरा करने में राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली विश्वविद्यालय का नॉन-कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड (एनसीडब्ल्यूईबी) हमेशा साथ खड़े रहेंगे। यह बात राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया के रहाटकर ने बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित उड़ान-2026 कार्यक्रम में कही। समर्थ-स्त्री-समर्थ भारत विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में 6 हजार से अधिक छात्राओं, शिक्षकों और प्राचार्यों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में रहाटकर ने छात्राओं को लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह देते हुए कहा कि जिस तरह अर्जुन का ध्यान अपने लक्ष्य पर था, उसी तरह छात्राओं को भी अपने उद्देश्य के प्रति एकाग्र रहना चाहिए। इससे सफलता हासिल करना आसान होगा। इस अवसर पर डीयू के कुलसचिव डॉ विकास गुप्ता ने कहा कि छात्राओं को कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं के जरिये प्रशिक्षित करना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एनसीडब्ल्यूईबी की निदेशक प्रो गीता भट्ट ने बताया कि बोर्ड पिछले 83 वर्षों से महिला शिक्षा और सशक्तीकरण के लिए काम कर रहा है। वर्तमान में इससे करीब 49 हजार छात्राएं जुड़ी हैं। कार्यक्रम के तहत 11 से 18 अक्तूबर तक एनसीडब्ल्यूईबी के 27 केंद्रों पर कार्यशालाएं और संवाद सत्र आयोजित किए गए। छात्राओं के लिए रील बनाने, गीत लेखन और पोस्टर बनाने की प्रतियोगिताएं भी हुईं। इनमें महिला सशक्तीकरण, विकसित भारत और डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विषय शामिल रहे। प्रतियोगिताओं में विजयी रहे विजेताओं को 15 हजार, 11 हजार, पांच हजार और दो हजार रुपये तक के पुरस्कार दिए गए। कार्यक्रम में छात्राओं ने नाटक और नृत्य की प्रस्तुतियां भी दीं।