पीएम मोदी ने लाल किले से दिए गए भाषण में वन रैंक वन पेंशन का मुद्दा उठाया। पीएम ने सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि हमने सैद्धांतिक तौर पर OROP को स्वीकार कर लिया है।
उन्होंने कहा कि देश का हर जवान देश की शक्ति है और वे जवानों के लिए वन रैंक वन पेंशन पर सुखद परिणाम की आशा करते हैं। हालांकि जंतर-मंतर पर तकरीबन 2 महीने से धरना दे रहे पूर्व सैनिक पीएम मोदी से इस मुद्दे पर अभी भी संतुष्ट नहीं है।
वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर धरना दे रहे लोगों ने कहा है कि आज उनका दिल टूट गया है। क्योंकि उन्हें आज पीएम मोदी से खासी उम्मीदें थी। लेकिन जो पिछले 17 महीने से चल रहा था। आज भी वही दोहराया गया है।
मंत्रियों के बयानों से बंधी थी उम्मीद
गौरतलब है कि वन रैंक वन पेंशन को लेकर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने एक दिन पहले ही सरकार के रुख पर बयान दिया था। जिसमें उन्होंने जल्द ही घोषणा की उम्मीद जतायी थी।
मनोहर पर्रिकर और राज्यवर्धन सिंह राठौड के बयानों के बाद सैनिकों को उम्मीद थी कि लाल किल की प्राचीर से शायद उन्हें वन रैंक वन पेंशन पर सौगात मिले।
लेकिन पीएम ने आज प्रक्रिया और बातचीत का हवाला देकर इस भविष्य में जल्द ही लागू करने का आश्वासन ही दिया। जिससे पूर्व सैनिकों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
हुक्मरानों के शासन की उल्टी गिनती शुरू
इससे पहले जंतर-मंतर पर वन रैंक-वन पेंशन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे पूर्व सैनिकों को पुलिस की मदद से हटाए जाने को लेकर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र पर हमला बोला था।
केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था, जिन हुक्मरानों को अपनी जनता से डर लगने लगे, जनता से बचने के लिए पुलिस का सहारा लेना पड़े तो समझों हुक्मरानों की उलटी गिनती शुरू।
केजरीवाल ने कहा कि एक साल के अंदर ही एनडीए सरकार ने यूपीए सरकार के दूसरे टर्म की तरह व्यवहार करना शुरू कर दिया। यूपीए-दो के शासनकाल में आंदोलन को कैसे कुचला गया था। ट्वीट करने के बाद केजरीवाल ने मंत्री गोपाल राय और विधायक कमांडो सुरेंद्र को भी जंतर-मंतर पर भेजा था।
लाल किला प्रचीर से सैनिकों से माफी मांगे
वहीं, गोपाल राय ने सचिवालय के मीडिया सेंटर में पत्रकारों कहा था कि हम लोगों को और सैनिकों को उम्मीद थी कि सरकार अपना वादा पूरा करेगी। लेकिन आज स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पूर्व जो किया जा रहा है, अपमान है।
हम ये कह रहे हैं कि मोदी सरकार और पुलिस पाकिस्तानी सैनिकों की तरह व्यवहार कर रही है। हम चाहते हैं कि पुलिस में जिन लोगों ने पूर्व सैनिकों के साथ गलत व्यवहार किया, उनके खिलाफ कार्रवाई हो।
भाजपा सरकारी को माफी मांगने चाहिए। वहीं, नरेंद्र मोदी जी लाल किला प्रचीर से सैनिकों से माफी मांगे और इनकी मांग स्वीकार करें।
पूर्व सैनिकों को जबरन जंतर-मंतर से बाहर फेंक दिया जा रहा है। कल तक वो हमारी सुरक्षा कर रहे थे। अब स्वतंत्रता दिवस के लिए खतरा बन गए। मैं माननीय प्रधानमंत्री से आग्रह करता हूं कि पूर्व सैनिकों की वन रैंक-वन पेंशन की मांग पूरी करने की घोषणा कल लालकिला से करें।