पांच माह से दफन सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या का राज बृहस्पतिवार को खुल जाएगा। बरेली का मूल निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर यहां सेक्टर- 66 स्थित एक पीजी में रह रहा था।
उसकी हत्या के मामले में शक के घेरे में पीजी के केयर टेकर का नार्को एनालिसिस टेस्ट कराया जाना है। स्पेशल पुलिस टीम केयर टेकर का नार्को कराने के लिए लखनऊ रवाना हो गई है।
बरेली स्थित राजनगरी के राजीव कुंज निवासी क्षितिज गंगवार (25) पुत्र डॉ. प्रवीण कुमार गंगवार नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एक आईटी कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर कार्यरत थे।
क्षितिज के पिता बरेली के सिविल अस्पताल में डॉक्टर हैं। क्षितिज ने एक सितंबर 2014 को सेक्टर-66 स्थित आशीष चौहान के पीजी में रहना शुरू किया था।
15 सितंबर 2014 की सुबह करीब साढ़े पांच बजे आशीष ने देखा कि क्षितिज का शव पीजी की चहारदीवारी से लटका हुआ था। पीजी के केयरटेकर मनीष ने इसकी सूचना फौरन पुलिस को दी।
इस मामले में क्षितिज के पिता डॉ. प्रवीण कुमार गंगवार ने अज्ञात के खिलाफ सेक्टर-58 थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पीजी के केयरटेकर मनीष पर शक जाहिर किया था।
उसी दौरान डॉ. प्रवीण ने मनीष का नार्को टेस्ट कराने की मांग एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह से कर डाली। पुलिस ने बताया कि अब कोर्ट ने नार्को कराए जाने की अनुमति दे दी है।
‘सॉफ्टवेयर इंजीनियर हत्याकांड में पीजी के केयरटेकर मनीष कुमार का नार्को एनालिसिस टेस्ट लखनऊ में बृहस्पतिवार को होना तय है। बुधवार दोपहर तक सारी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। मनीष कुमार को लेकर लखनऊ के लिए स्पेशल टीम रवाना हो गई है।’’
-रविकांत पाराशर, जांच अधिकारी