-आधार अपडेट और एसआईआर के लिए भटक रहे लोग
मोहित शुक्ला
पूर्वी दिल्ली। नंद नगरी स्थित डीएम कार्यालय परिसर में प्रशासनिक उदासीनता, धीमी कार्यप्रणाली और अधिकारियों की अनसुनी से आम नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोग आधार कार्ड संशोधन, बायोमेट्रिक अपडेट और बच्चों की फोटो-डिटेल बदलवाने के लिए घंटों कतार में खड़े रहते हैं, फिर भी खाली हाथ लौटते हैं। एसआईआर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और कटे नाम दोबारा दर्ज कराने पहुंचे लोग भी प्रशासनिक लापरवाही के शिकार हो रहे हैं।
कार्यालय के बाहर और भीतर दलालों का तंत्र खुलेआम सक्रिय है। मुख्य गेट और पार्किंग में बैठे दलाल नागरिकों को घेर लेते हैं और रकम लेकर मिनटों में फॉर्म भरकर काम करवाने का दावा करते हैं। आधार अपडेट से लेकर सरकारी प्रमाण पत्रों के फॉर्म इनके पास मौजूद हैं। मुख्य द्वार पर तैनात कर्मचारियों की नजर से यह खेल ओझल है।
एसआईआर काउंटर के बाहर लोगों का गुस्सा बीएलओ की लापरवाही पर फूट रहा है। नागरिकों का कहना है कि निचले स्तर पर हुई लिपिकीय गलतियों का खामियाजा उन्हें बार-बार चक्कर काटकर भुगतना पड़ रहा है। पुरानी मतदाता सूचियों और वर्तमान रिकॉर्ड की विसंगतियों को ठीक करने के बजाय आवेदकों को टरकाया जा रहा है।
मैं हर्ष विहार में रहता हूं। आधार अपडेट करवाने आया हूं। यहां अंदर जाने से पहले ही गेट पर एक व्यक्ति ने रोक लिया और काम पूछने के बाद फॉर्म भरकर हाथ में दे दिया और रोड पार करके दूसरी तरफ बने आधार केंद्र में फॉर्म देने की बात कही। व्यक्ति ने फॉर्म देने व भरने 30 रुपये लिए हैं।
- शहजाद
मैं सुबह से लाइन में लगा हूं दो घंटे लाइन में लगने के बाद आधार कार्ड में फोटो अपडेट करवाने का टोकन मिला। नंबर आने से पहले की केंद्र वाले लंच ब्रेक की बात बता कर गेट बंद कर बैठ गए हैं।
- अमन
सुबह से लाइन में लगे हैं लेकिन काम नहीं हो पा रहा है। बच्चों का आधार कार्ड अपडेट करवाना है। आधार अपडेट नहीं होने के कारण राशन नहीं मिल पा रहा है। कई बार चक्कर लगा चुका हूं।
- हबीब
वर्ष 2002 की मतदाता सूची में मेरे पिता का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज है, लेकिन प्रशासन के पास उपलब्ध मौजूदा रिकॉर्ड में दादा के दो अलग-अलग नाम दिखाई दे रहे हैं। इस प्रशासनिक गलती के कारण मेरा नाम सूची से बाहर कर दिया गया है।
- पूनम