-31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावे-आपत्तियां दाखिल कर सकेंगे मतदाता
चार नवंबर को अंतिम सूची
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में एसआईआर के तहत सोमवार को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 47.7 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं होंगे। इन मतदाताओं को सूची में अपना नाम दोबारा शामिल कराने का मौका मिलेगा। इसके लिए 31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी।
चुनाव आयोग की संशोधित समय-सारिणी के अनुसार, दावों और आपत्तियों का निस्तारण 29 अक्तूबर तक पूरा होगा। चार नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। दिल्ली में कुल 1,45,10,299 मतदाताओं में से करीब 97.5 लाख मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म जमा और डिजिटाइज हो चुके हैं। ये मतदाता ड्राफ्ट सूची में शामिल होंगे। करीब 47.7 लाख मतदाताओं के फॉर्म को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट जैसी श्रेणियों में रखा गया है। ड्राफ्ट सूची में नाम न होने का मतलब यह नहीं कि नाम अंतिम रूप से हट गया है। संबंधित व्यक्ति निर्धारित अवधि में दावा दाखिल कर नाम शामिल कराने का अनुरोध कर सकता है।
विधानसभा क्षेत्रों में अंतर
एन्यूमरेशन फॉर्म के डिजिटाइजेशन में दिल्ली की विधानसभा सीटों के बीच काफी अंतर दिखा है। रोहिणी में सबसे ज्यादा 83.43 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज हुए हैं। वहीं, तुगलकाबाद में यह आंकड़ा सबसे कम 52.15 प्रतिशत रहा। अल्पसंख्यक बहुल सीटों जैसे ओखला में 45.32 प्रतिशत फॉर्म अनकलेक्टेबल पाए गए। चांदनी चौक में यह आंकड़ा 38.98 प्रतिशत और बल्लीमारान में 32.65 प्रतिशत रहा।
मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ी
एसआईआर के साथ दिल्ली में मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ी है। यह 13,033 से बढ़कर 14,947 हो गई है। मतदान केंद्रों के स्थानों की संख्या 2,696 से बढ़कर 2,856 हुई है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सबसे ज्यादा 1,829 मतदान केंद्र हैं, जबकि नई दिल्ली में सबसे कम 214 मतदान केंद्र हैं।