जीडीए और आवास विकास परिषद से संबंधित किसी संपत्ति की रजिस्ट्री अब अगर कराएंगे तो रजिस्ट्री के आवेदन फार्म में घरवाली का नाम भी लिखना होगा। यूपी शासन ने इस मामले में आदेश जारी कर दिए हैं।
नया नियम सिर्फ उन्हीं संपत्तियों पर लागू होगा, जोकि वर्ष 2002 के बाद आवंटित की गई हैं। इससे पुराने मामलों में इस नियम की बाध्यता नहीं होगी।
शासन के आदेश मिलते ही जीडीए में इस नियम को लागू कर दिया गया है। जीडीए की करीब 12 हजार ऐसी संपत्ति हैं, जो नए नियम केदायरे में आ रही हैं।
यूपी शासन के विशेष सचिव अतुल कुमार गुप्ता ने जारी अपने आदेश में कहा है कि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद और सभी विकास प्राधिकरण 2002 से पूर्व आवंटित अपनी किसी संपत्ति की रजिस्ट्री किसी व्यक्ति के पक्ष में करता है तो यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि व्यक्ति की पत्नी का नाम भी आवेदन फार्म में होना चाहिए।
जीडीए सचिव रविंद्र कुमार गोडबोले ने शासन के इस आदेश के मिलने के साथ ही कार्यालय नोटिस जारी कर दिया है।
जीडीए सचिव का कहना है कि ऐसे लोग जिनकी शादी नहीं हुई या फिर जो तलाकशुदा हैं के लिए भी पत्नी का नाम अनिवार्य नहीं होगा। हालांकि तलाकशुदा व्यक्ति को अपने तलाक संबंधी दस्तावेज आवेदन केसाथ लगाने होंगे।