भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हाईकोर्ट को बताया कि मैक्स मोबिलिंक मोबाइल कंपनी से उनका करार दिसंबर 2012 में समाप्त हो गया था। बावजूद इसके कंपनी उन्हें ब्रांड एंबेसडर के रूप में पेश करके उनके नाम का दुरुपयोग कर रही है। अदालत ने उनके तर्क सुनने के बाद मैक्स मोबिलिंक कंपनी के शीर्ष अधिकारियों को फटकार लगाई है।
न्यायमूर्ति मनमोहन के समक्ष धोनी ने पेश अपने जवाब में कहा है कि यह कंपनी अदालत के पूर्व के आदेश का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने कंपनी से कहा है आप आदेश का पालन क्यों नहीं कर रहे। आपको अदालत के निर्देशों का पालन करना चाहिए। अदालत ने मामले की सुनवाई 28 जुलाई तय करते हुए दोनों पक्षों को अगली सुनवाई से पहले 21 अप्रैल 2016 के आदेश का पालन करने का निर्देश दिया है।
अदालत धोनी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें कंपनी के सीएमडी अजय अग्रवाल के खिलाफ अदालत के 17 नवंबर 2014 के आदेश का पालन नहीं करने पर अवमानना की कार्रवाई करने की अपील की गई थी। अदालत ने मैक्स मोबिलिंक को ऐसे किसी भी उत्पाद की बिक्री नहीं करने के लिए कहा था, जिसके विज्ञापन में धोनी के नाम का उपयोग किया गया हो। बावजूद इसके कंपनी ने उत्पाद की बिक्री में धोनी का नाम उपयोग करना जारी रखा, तो हाईकोर्ट ने पिछले वर्ष 21 अप्रैल को पुन: कंपनी को धोनी के नाम का प्रयोग करने से मना कर दिया था।
वहीं, कंपनी ने दावा किया कि उसने कभी भी अनुबंध खत्म होने के बाद मोबाइल बेचने के लिए धोनी के नाम का इस्तेमाल नहीं किया। कंपनी ने धोनी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कंपनी ने धोनी का नाम अपनी वेबसाइट से हटा दिया है। दूसरी तरफ धोनी ने दावा किया कि कंपनी से उनका अनुबंध दिसंबर 2012 में खत्म हो गया था और उसके बाद से कंपनी लगातार अपने उत्पादों पर उनके नाम का इस्तेमाल कर रही है। ऐसे में कंपनी के उत्पाद, मोबाइल फोन इत्यादि को बेचने पर रोक लगाने के अलावा उसे जब्त करने का निर्देश दिया जाए।