विरोध मार्च निकालती नजीब की मां फातीमा और राधिका वेमुला।
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से बीते दो साल पहले 15 अक्तूबर को लापता हुए नजीब अहमद के लिए इंसाफ की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने मार्च निकाला। मंडी हाउस से जंतर-मंतर तक निकाले गए मार्च में नजीब अहमद की मां, हैदराबाद विवि के छात्र रोहित वेमुला, ट्रेन में पिटाई करने के बाद बाहर फेंके गए जुनैद की मां भी शामिल हुईं। सभी ने अपने बच्चों के लिए इंसाफ की मांग दोहराई। नजीब की मां ने तो सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए सीबीआई निदेशक के इस्तीफे की मांग की।
इंसाफ की मांग को लेकर निकाले गए इस मार्च में जेएनयू के साथ-साथ अन्य विश्वविद्यालयों के छात्र संगठनों ने भी इसमें हिस्सा लिया। प्रदर्शन में पहुंची नजीब की मां फातिमा ने रुंधे गले से कहा कि मैं सड़क पर उतरने के लिए मजबूर हूं। बस मेरी एक मांग है कि किसी भी तरह से बेटे नजीब को ढूंढा जाए। उन्होंने सीबीआई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह नजीब को इतने समय में भी ढूंढ नहीं पाई। जुनैद व रोहित की मां राधिका ने भी इंसाफ की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल हुए छात्र संगठन क्रांतिकारी युवा संगठन के राज्य समिति सदस्य शाहनवाज जमन ने कहा कि मार्च के जरिये सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट दायर करने के निर्णय के खिलाफ विरोध किया जा रहा है। केवाईएस ने भी केंद्र सरकार से नजीब की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग की।
साथ ही विश्वविद्यालयों में जातीय हिंसा फैलाने वाले संगठनों को प्रतिबंधित करने की मांग की। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेसी नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि वह प्रदर्शन में एक महिला होने के नाते रोहित, जुनैद, नजीब की मां के साथ शामिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि धर्म जाति के नाम पर लोगों पर अत्याचार किया जा रहा है। प्रदर्शन में जेएनयू से आइसा, एसएफआई, एआईएसएफ, एनएसयूआई, बाप्सा, के सदस्य भी शामिल हुए।