पर्यावरण मंत्रालय से गोपनीय दस्तावेज चुराने के आरोप में गिरफ्तार संयुक्त सचिव रविशंकर के निजी सचिव जितेन्द्र नागपाल की पत्नी मिसेज नागपाल भी निजी सचिव है। वह निर्माण भवन में बैठती है और बडे़ अफसर की निजी सचिव है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के एक अफसर ने बताया कि जल्द ही आरोपी की पत्नी से भी पूछताछ की जा सकती है। इस बात की जांच की जा रही है कि आरोपी कहीं अपनी पत्नी से तो गोपनीय दस्तावेज तो नहीं लेता था। पुलिस पत्नी की भूमिका की भी जांच कर रही है।
क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि आरोपी जितेन्द्र नागपाल का अलग ही मोड्यूल(गिरोह) है। ये सबसे खतरनाक मोड्यूल है। इस गिरोह का सरगना भी जितेन्द्र नागपाल ही है और इसमें तीन से चार लोग हैं।
अभी जो लालता प्रसाद व लोकेश का जो मोड्यूल आया है वह दो से सात वर्षों से गोपनीय दस्तावेज चुरा रहे थे, जबकि नागपाल मोड्यूल 12 वर्षों से ज्यादा गोपनीय दस्तावेज चुरा रहा था। नागपाल ने कई मंत्रालयों में सेंध लगा रखी है।
आरोपी वाट्सऐप से गोपनीय दस्तावेज भेजते थे
पुलिस उन मंत्रालयों का पता लगा रही है। नागपाल गिरफ्तार लोकेश से अन्य मंत्रालयों के गोपनीय दस्तावेज लेता था और उसे देता भी था। नागपाल कंपनियों व लोगों को खुद कागजत देता था और अन्य लोगों के जरिए भी देता था।
पुलिस अधिकारियों केअनुसार वह इस गोरखधंधे से हर महीने एक से सवा लाख रुपये कमा रहा था। नागपाल मोड्यूल गोपनीय दस्तावेज भेजने व मंगाने के लिए वाट्सएप का प्रयोग करता था। पुलिस ने जितेन्द्र नागपाल व लोकेश केमोबाइल फोनों को बरामद कर लिया है।
इनके मोबाइल फोनों से वाट्सऐप ग्रुप से काफी गोपनीय दस्तावेज मिले हैं। नागपाल मोड्यूल में कई और सरकारी कर्मचारी हैं। नागपाल मोड्यूल में जल्द ही कुछ और गिरफ्तारीं हो सकती हैं।
इस तरह होता था पूरा गोरखधंधा
अमर उजाला की पर्यावरण मंत्रालय में सेंध की खबर की पुष्टि हो गई। गौरतलब है कि अमर उजाला ने इससे पहले लिखा कि गोपनीय चोरी मामले में आरोपियों ने पर्यावरण मंत्रालय में सेंध लगा रखी है और पर्यावरण मंत्रालय से गोपनीय दस्तावेज चोरी हो रहे हैं।
पुलिस ने पर्यावरण मंत्रालय में तैनात संयुक्त सचिव के निजी सचिव नागपाल को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को नागपाल को गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली पुलिस ने पेटल चौक मेट्रो स्टेशन के बगल में फोटोस्टेट की दुकान चलाने वाले कमल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। आरोपी शास्त्री भवन से गोपनीय दस्तावेज चुराकर उनकी कमल की दुकान से फोटोस्टेट कराते थे।
इसके बाद अलग सैट बनाकर अलग-अलग लोगों को बेचते थे। पुलिस ने शास्त्री भवन के पास फोटोस्टेट की दुकान चलाने वाले अन्य लोगों से भी पूछताछ की है।