संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) नगीना की बदहाली और चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्थाएं एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अस्पताल में सुविधाओं के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है, जिससे स्थानीय जनता में रोष है।
टॉर्च की रोशनी में प्रसव, दवाइयों का टोटा
अस्पताल के बदहाल हालातों से तंग आकर यहां के स्टाफ ने विधायक मामन खान को अपनी समस्याओं का एक लिखित पुलिंदा सौंपा। स्टाफ ने खुलासा किया कि अस्पताल में आवश्यक दवाइयों की भारी किल्लत है, जिसके कारण गरीब मरीजों को मजबूरन बाहर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।
इससे भी ज्यादा खौफनाक स्थिति बिजली आपूर्ति की है। अस्पताल में बिजली व्यवस्था इतनी बदतर है कि अक्सर बिजली गुल रहने के कारण डिलीवरी जैसी संवेदनशील और आपातकालीन सेवाएं भी डॉक्टरों और स्टाफ को टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट के सहारे करनी पड़ती हैं। अंधेरे में होने वाले ऑपरेशनों से जच्चा-बच्चा दोनों की जान हमेशा जोखिम में बनी रहती है।
पहले भी विवादों में रहा है अस्पताल प्रशासन
नगीना पीएचसी की लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है। ''अमर उजाला'' ने पहले भी अस्पताल की कई गंभीर कमियों को प्रमुखता से उजागर किया है। नवजात माताओं को दी जाने वाली डाइट में बड़ी धांधली, परिसर में लावारिस पशुओं का बेखौफ घूमना, भीषण गर्मी में ठंडा पानी देने वाले वाटर कूलर का बंद होना और स्टाफ का समय पर ड्यूटी पर न आना जैसी जनसमस्याएं यहां आम बात हो चुकी हैं।
उच्च अधिकारी हैं जिम्मेदार : रजत जैन
समाजसेवी रजत जैन का स्पष्ट कहना है कि इन सभी समस्याओं के पीछे उच्च अधिकारी जिम्मेदार हैं, जो जनता की परेशानियों पर मूकदर्शक बने बैठे हैं।
विधानसभा में गूंजेगा मुद्दा:
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक मामन खान ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बिजली विभाग के एसडीओ को सख्त निर्देश दिए कि पीएचसी की बिजली आपूर्ति किसी भी हाल में बाधित नहीं होनी चाहिए। विधायक ने जनता को आश्वासन दिया कि डॉक्टरों की स्थायी नियुक्ति, दवाइयों की किल्लत और बिजली संकट के इस गंभीर मुद्दे को वह आगामी विधानसभा सत्र में सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएंगे।
उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग किया जा रहा है। अगर कहीं कोई खामियां या लापरवाही सामने आ रही हैं, तो उनकी जांच कराकर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। -डॉ. कृष्ण कुमार (एसएमओ)
नगीना के लिए 24 घंटे बिजली का प्रावधान है। लेकिन अर्बन कट या लाइनमैनों द्वारा मेंटेनेंस का काम किए जाने के दौरान बिजली बंद रहती है। अगर कोई लापरवाही है, तो उसका समाधान किया जाएगा। -दीपक कुमार (एसडीओ, बिजली विभाग)
फोटो: नगीना पीएचसी।