प्राईवेट बसों में सवारियों को एक-दूसरे से पहले बैठाने के झगड़े में यात्री परेशानी झेल रहे हैं। गुड़गांव-धारूहेड़ा रूट पर सुबह करीब 6 बजे बसें चलनी शुरू हो जाती हैं।
निजी बस चालकों में आपस में ऐसी होड लगती है कि हाईवे पर चलती बसों को आड़ी-तिरछी रोक एक-दूसरे के आगे लगा देते हैं। जिससे वाहन चालकों को अचानक बस रोकने पर दिक्कत झेलनी पड़ती है। कई बार तो दुर्घटना भी घट जाती है।
अचानक बस सड़क के बीच में ही रोकने से बसों में बैठे यात्रियों को लगता कि कोई दुर्घटना हो गई है। बस सवारियां सीट से उठकर बगल में देखने लगती हैं।
10-15 मिनट तक सभी यात्री चालकों और परिचालकों के बीच होती बहस को सुनते रहते हैं। इसके बाद जब बसें चलने का कोई आसार नहीं दिखता है, तो यात्री बसों को चलाने के लिए शोर मचाना शुरू कर देते हैं।
धारूहेड़ा-गुड़गांव रूट पर आए दिन ऐसा ही नजारा देखने को मिलता है। जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। आधी बसें इफ्को चौक व मैट्रों चलाने से यात्रियों दिक्कत ज्यादा आ रही है। आधी बसें ही बस स्टैंड जाती है।
जिस वजह बस आपरेटर गाड़ियों को बीच में ही रोककर ही सवारियों की अदला बदली करते है। जिससे सवारियों को सामान के साथ उतरने व चढ़ने में परेशानी झेलनी पड़ती है। बीच सड़क में ही बस रोककर सवारियों को उतार देते है।
पिछले बस आने के इंतजार में दस मिनट से ज्यादा समय तक सवारी सड़क पर ही खड़ी रहती है। जिससे वह धूप में खड़े होकर परेशान हो जाती है। वहीं साथ बच्चे व सामान से ज्यादा दिक्कत आ रही है।