बिसाहड़ा गांव के मुस्लिम मतदाताओं में पंचायत चुनाव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। करीब 350 मतदाताओं ने वोट डाले। यहां करीब 80 फीसदी मतदान हुआ। हालांकि, किसी भी पद पर मुस्लिम प्रत्याशी नहीं था।
बिसाहडा कांड के बाद गांव में काफी तनावपूर्ण स्थिति रही। इसके बावजूद पंचायत चुनाव में गांव के लोगों ने भाईचारा बनाए रखा। मतदान के लिए राणा संग्राम सिंह इंटर कॉलेज में केंद्र बनाया गया था।
प्रधान पद के लिए गांव के ही हरिओम, अमित कुमार और जसंवत सिंह चुनावी मैदान में हैं। चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों ने गांव में भाईचारे के साथ मतदाताओं से वोट देने की अपील की। मतदान के लिए छह बूथ बनाए गए थे, जिनमें बूथ आठ व नौ में मुस्लिम मतदाताओं ने वोट डाले। गांव में कुल 5730 मतदाता हैं।
पिछले चुनावों में बिसाहड़ा में इकलाख के भाई अफजल समेत दो मुस्लिम ग्राम पंचायत सदस्य बने थे। ग्रामीणों ने इन्हें निर्विरोध चुना था। इस बार इकलाख हत्याकांड के बाद किसी भी मुस्लिम मतदाता ने चुनाव में हिस्सेदारी की इच्छा नहीं जताई। हालांकि, अफजल के सदस्य पद के लिए रुचि न दिखाने से उनके क्षेत्र का ग्राम पंचायत सदस्य पद खाली है।