कांग्रेस प्रमुख विपक्षी पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की सांप्रदायिक छवि होने की वजह हुए वोटों के धुव्रीकरण को अपने पक्ष में मान कर चल रही थी। लेकिन दिल्ली में कांग्रेस मन माफिक वोटिंग नहीं हुई।
लोकसभा चुनाव में बृहस्पतिवार को राजधानी में मतदान के दौरान कई सीटों पर मुस्लिम मतों का ध्रुवीकरण दिखा। वहीं, पोलिंग बूथों पर झुग्गी झोपड़ी वालों सहित निचले तबके के वोटर आप की पैरवी करते दिखे।
भले आप की 49 दिन की सरकार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कई विवादों में घिरे रहे हों, दिल्ली में रोड शो के दौरान उन पर कई हमले होते रहे हों, विपक्ष उन पर झूठे वादों का आरोप भी लगाता रहा हो, लेकिन बृहस्पतिवार को मतदाताओं के मूड ने यह जाहिर कर दिया कि अभी आप पर लोगों का भरोसा है।
मोदी की लहर ने भी बिगड़ा काम
कई जगह वोटरों का झुकाव गैर भाजपाई जिताऊ उम्मीदवार की तरफ रहा। मोदी फैक्टर भी कायम रहने पर अधिकांश सीटों पर भाजपा व ‘आप’ के बीच कड़ा मुकाबला दिख रहा है।
जबकि कांग्रेस इस फिराक में थी कि मोदी के विपक्ष में पड़ने वाले वोट उसी को मिलेंगे। लेकिन इस बार आप का असर भी काफी रहा। आप ने मुस्लिम वोट अपनी ओर खींच लिए।
इससे रही-सही कांग्रेस की उम्मीद भी और धुंधली हो गई। भले जामा मस्जिद के शाही इमाम बुखारी ने मुस्लिमों से कांग्रेस के समर्थन में वोट करने की अपील की हो, लेकिन अब मुस्लिम वोटर भी अपना मत किसी के कहने पर बनाते नहीं दिखा। यूपीए की 10 साल की सरकार से त्रस्त वोटर फिर से उस पर विश्वास जताते नहीं दिखे।
मुस्लिम वोटर ने क्यों छोड़ा साथ?
उत्तर पूर्व, चांदनी चौक व पूर्वी दिल्ली में मुस्लिम मतदाता एकतरफा जाने पर निर्णायक स्थिति में माने जाते हैं। अन्य चार सीटों पर भी मुस्लिम उम्मीदवारों की उपस्थिति है, जो एकतरफा मतदान होने पर किसी का भी पलड़ा भारी कर सकती थी।
कांग्रेस को इन मतों पर पूरा भरोसा था। यहां तक की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कांग्रेस को मत देने की अपील भी की थी, लेकिन मतदान के समय मुस्लिम मतदाताओं पर उसका कोई असर नहीं दिखा।
चुनाव परिणाम कुछ भी आएं, लेकिन ‘आप’ ने कांग्रेस व भाजपा के सामने बड़ी दिक्कत खड़ी कर दी है। वह एक विकल्प बन चुकी है। ऐसे में भारी मतदान उनके पक्ष में होने को नकारा नहीं जा सकता।
कर्बला विवाद और कठपुतली कॉलोनी का प्रभाव
इस बार हुई वोटिंग में कर्बला विवाद ने बड़ी भूमिका निभाई। हाल ही कांग्रेस के नेता अहमद पटेल पर कर्बला की जमीन पर कब्जा कर करने का आरोप और उसके बाद भड़के विवाद ने भी मुस्लिम वोटरों को कांग्रेस दूर कर दिया।
वहीं दो महीने पहले हुए कठपुतली कॉलोनी के विस्थापन के मुद्दे ने भी लोगों के रुझान बदल दिए। यहां कॉलोनी खाली कराने के नाम पर 3200 लोगों को बेघर कर दिया गया था, जबकि आम आदमी पार्टी लोगों को घरों से न निकाले जाने की पक्ष में थी। आप को इसका फायदा मिलना लगभग तय माना जा रहा है।